Ayush Varshney Bitcoin Scam Case: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 20 हजार करोड़ रुपये के बिटकॉइन घोटाले के मामले में डार्विन लैब्स के सह-संस्थापक आयुष वार्ष्णेय को जमानत दे दी है। आयुष वार्ष्णेय की ओर से कोर्ट में पेश एडवोकेट ध्रुव गुप्ता ने बताया कि कोर्ट मे एक लाख रुपए की श्योरिटी पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान एडवोकेट ध्रुव गुप्ता ने दलील दी कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि आयुष, उनकी कंपनी, या कंपनी का कोई भी अधिकारी किसी भी तरह के सार्वजनिक लेन-देन में शामिल था।
कंपनी पर बड़ा आरोप
आयुष पर मुख्य आरोप पर मुख्य आरोप यह था कि ‘गेनबिटकॉइन्स’ नाम की एक कंपनी ने एक स्कीम शुरू की थी। निवेशकों से बिटकॉइन के बदले हर महीने पक्का रिटर्न देने का वादा किया गया था। हालांकि, यह स्कीम फेल हो गई, जिसके बाद पूरे देश में कई शिकायतें और एफआईआर दर्ज की गईं। 13 दिसंबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि दस मामलों को एक साथ मिलाकर जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया जाए।
आयुष पर आरोप था कि डार्विन लैब्स के सह-संस्थापक और डायरेक्टर के तौर पर, उन्होंने और दूसरे डायरेक्टरों ने ‘गेनबिटकॉइन्स’ के लिए एक सॉफ्टवेयर (जिसमें एक माइनिंग पूल भी शामिल था) बनाया था, और इस तरह उन्होंने कथित तौर पर इसके ऑपरेटरों के साथ मिलकर लोगों को धोखा देने की साज़िश रची थी। हालांकि, बचाव ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है और सारे आरोपों को निराधार करार दिया है।


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