गाजियाबाद के लोनी में बुजुर्ग मारपीट के मामले में कई नए पेंच सामने आये है। पिटाई के वीडियो की तारीख को लेकर पुलिस ने नया खुलासा किया है वहीं पीड़ित बुजुर्ग ने भी अपने बयान बदल दिया है। इन्ही सबके बीच पुलिस ने एक और खुलासा करते हुए एक सपा नेता को भी इस मामले में आरोपी बनाया है और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
समाजवादी पार्टी के एक पदाधिकारी पर कथित तौर पर एक कथित ‘‘सांप्रदायिक’’ वीडियो साझा करके वैमनस्य को बढ़ावा देने और शांति भंग करने का मामला दर्ज किया गया है। इस वीडियो में एक बुजुर्ग मुसलमान ने इस माह की शुरुआत में चार युवकों के उन पर हमला करने का दावा किया है।
अधिकारियों ने बताया कि उम्मेद पहलवान इदरीसी के खिलाफ लोनी बॉर्डर थाने में बुधवार शाम शिकायत दर्ज की गई है। एक स्थानीय पुलिसकर्मी की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि इदरीसी ने ‘‘ अनावश्यक रूप से’’ वीडियो को ‘‘ सामाजिक मतभेद पैदा करने’’ के इरादे से बनाया और उसे अपने फेसबुक अकाउंट से साझा किया। गौरतलब है कि वीडियो में बुजुर्ग मुसलमान ने गाजियाबाद के लोनी इलाके में चार लोगों पर उन्हें मारने, उनकी दाढ़ी काटने और उन्हें ‘‘जय श्री राम’’ बोलने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है।
प्राथमिकी में कहा गया, ‘‘उन्होंने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर बिना सत्यापित किए साझा किया, जिसमें धर्म से जुड़ी बात है। इसने घटना को सांप्रदायिक रंग दे दिया और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की।’’ इदरीसी के खिलाफ भादंस की धारा 153ए, 295ए, 504 , 505 और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस अधीक्षक (गाजियाबाद ग्रामीण) इराज राजा ने बुधवार को बताया था कि कल्लू गुर्जर, परवेश गुर्जर, आदिल, इंतजार और सद्दाम उर्फ बौना को मामले में गिरफ्तार किया गया है। गाजियाबाद पुलिस ने कहा कि यह घटना इसलिए हुई क्योंकि आरोपी सैफी द्वारा बेचे गए एक ‘तावीज’ से नाखुश थे और मामले में किसी भी सांप्रदायिक कोण से इनकार किया है।


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