BHU में अमेरिकी महिला समेत 5 संदिग्ध मरीजों की जांच,नहीं मिले कोरोना वायरस

Summary :

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सर सुन्दर लाल अस्पताल में में कोरोना वायरस की संदिग्ध एक अमेरिकी महिला समेत पांच मरीजों के सैंपल निगेटिव पाये जाने के बाद उन्हें यहां से छुट्टी दे दी गई हैं।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सर सुन्दर लाल अस्पताल में में कोरोना वायरस की संदिग्ध एक अमेरिकी महिला समेत पांच मरीजों के सैंपल निगेटिव पाये जाने के बाद उन्हें यहां से छुट्टी दे दी गई हैं। 
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने सोमवार को बताया कि गुजरात के एक,उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के दो एवं वाराणसी के एक संदिग्ध मरीज की आईसोलेशन वार्ड में जांच की गई,उनके सैंपल निगेटिव पाये गए है। 
उन्होंने लोगों से अपील की है कि कोरोना वायरस को लेकर घबराने या भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से सजग एवं सक्रिय है तथा स्थिति पर निरन्तर निगरानी की जा रही है। राजकीय चिकित्सालयों में आईसोलेशन वार्ड स्थापित किये गये हैं। अब तक किसी भी संदिग्ध मरीज में कोरोना वायरस की पुष्टि नहीं पायी गयी है।
 
उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों, होटलों इत्यादि पर भी सतत् निगरानी की जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा चिन्हित देशों से आने वाले यात्रियों एवं पर्यटकों की तत्काल जांच की व्यवस्था मुकम्मल की गयी है। 
उन्होंने बताया कि इटली के सात यात्री मिर्जापुर से वाराणसी में आकर सात मार्च की शाम स्थानीय होटल में ठहरे थे। उनकी जांच की गयी थी। जांच में उनमें कोरोना वायरस का कोई लक्षण नहीं पाया गया था। 
इस बीच मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वी. बी. सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस की जांच की सुविधा अब बीएचयू के माइक्रोबायोलाजी विभाग में उपलब्ध है। पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय, पाण्डेयपुर, वाराणसी में सैंपल कलेक्शन की व्यवस्था की गयी है। 
उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा चिन्हित देशों -चीन, कोरिया, जापान, ईरान, इटली, हांगकांग, मकाऊ, वियतनाम, मलेशिया, इण्डोनेशिया, नेपाल, सिंगापुर,थाईलैण्ड एवं ताइवान से पिछले 28 दिनों में यात्रा करने वाले यात्री के घर पर ही होम आईसोलेशन की व्यवस्था की गई, वे में 14 दिनों तक निगरानी में रहे। 
डॉ. सिंह ने मरीज एवं उनके परिवार के सदस्य एवं मित्रों को सावधान करते हुए कहा कि खांसने एवं छींकते समय रूमाल या कोई कपड़ा मुंह पर रखना चाहिए, ताकि खांसी/छींक के माध्यम से वायरस वातावरण में न फैले। वार्तालाप करते समय उचित दूरी-वार्तालाप करते समय एक हाथ या उसके अधिक दूरी बनाये रखें, ताकि थूक आदि के संक्रमित कण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में न पहुंचे। 
उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस वाले चिन्हित देशों की यात्रा करने से परहेज करने की सलाह दी है। यदि किसी संक्रमण की आशंका हो तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द, पर चिकित्सक को दिखायें। यदि तबियत ज्यादा खराब हो तो पं। दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय, पाण्डेयपुर, वाराणसी में सैंपल की जांच करायें एवं जनसामान्य से अलग रहें।

Shera Rajput