Lakhimpur Kheri Gold Missing Case: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी इन दिनों काफी चर्चा में हैं। जिले में पुलिस के ‘मालखाने’ (सबूत रखने का कमरा) से लगभग एक करोड़ रुपये की सोने की ज्वेलरी गायब होने का मामला सामने आया है। यह मामला 2007 में हुई रानी अग्रवाल (उर्फ जूली) की मौत से जुड़ा है। पोस्टमार्टम के दौरान उनके शरीर से उतारे गए कई कीमती सोने के गहने पुलिस को सौंपे गए थे; इनमें चेन, अंगूठियां, लॉकेट, नथ और भारी चूड़ियां शामिल थीं।
पुलिस ने दावा किया था कि सभी गहने मालखाने में सुरक्षित रखे गए थे। इस बीच, मृतका के पति और ससुराल वालों के खिलाफ दहेज के कारण मौत का मामला दर्ज किया गया और कई वर्षों तक मुकदमा चला।
₹1 Crore Gold Missing: पूरी घटना से मचा हड़कंप

बता दें कि फरवरी 2024 में, सबूतों की कमी के कारण अदालत ने आरोपियों को बरी कर दिया। इसके बाद, जब परिवार ने गहने वापस करने की मांग की, तो एक चौंकाने वाली बात सामने आई। पुलिस ने अदालत को बताया कि 2013 में मालखाने से कुछ बंडल सूखने के लिए छत पर रखे गए थे। इस दौरान बारिश से वे खराब हो गए और कहा जाता है कि बंदर गहने लेकर भाग गए। पुलिस के इस स्पष्टीकरण ने सभी को हैरान कर दिया; दावा किया गया कि गहने खराब हो गए थे और उन्हें सुरक्षित नहीं रखा जा सका।
UP Crime News: अदालत ने दिए सख्त आदेश
अदालत ने पुलिस की बात को पूरी तरह से अविश्वसनीय माना। अदालत ने साफ कहा कि सोना पानी में नहीं घुलता और करोड़ों रुपये की ज्वेलरी को खुले में छोड़ना भारी लापरवाही को दर्शाता है। अदालत ने पाया कि मामले में रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ और अनियमितताओं की संभावना थी। नतीजतन, संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने और पीड़ित पक्ष को मुआवजा देने के आदेश जारी किए गए। इस घटना ने पुलिस मालखानों में रखी जब्त संपत्ति की सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


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