नीति आयोग की रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति पर बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने आज प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। मायावती ने गुरूवार को एक ट्वीट में कहा, ”नीति आयोग की रिपोर्ट सरकार को लज्जित करने वाली है कि जनस्वास्थ्य के मामले में यूपी देश का सबसे पिछड़ा राज्य है। फिर केन्द्र व यूपी में बीजेपी की सरकार होने पर ऐसी डबल इंजन वाली सरकार का क्या लाभ?
ऐसा विकास करोड़ों जनता के किस काम का जिसमें उसका जीवन पूरी तरह से नरक बना हुआ है?” गौरतलब है कि मंगलवार को स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं के मोर्चे पर पिछड़े बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और ओडिशा एक नयी तुलनात्मक रिपोर्ट में पहले से अधिक फिसड्डी साबित हुए हैं।
नीति आयोग की रिपोर्ट सरकार को लज्जित करने वाली है कि जनस्वास्थ्य के मामले में यूपी देश का सबसे पिछड़ा राज्य है। तो फिर केन्द्र व यूपी में बीजेपी की सरकार होने पर ऐसी डबल इंजन वाली सरकार का क्या लाभ? ऐसा विकास करोड़ों जनता के किस काम का जिसमें उसका जीवन पूरी तरह से नरक बना हुआ है?
— Mayawati (@Mayawati) June 27, 2019
इसके विपरीत हरियाणा, राजस्थान और झारखंड में हालात उल्लेखनीय रूप से सुधरा है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा विश्वबैंक के तकनीकी सहयोग से तैयार नीति आयोग की ‘स्वस्थ राज्य प्रगतिशील भारत’ शीर्षक से जारी रिपोर्ट में राज्यों की रैंकिंग से यह बात सामने आयी है।
इस रिपोर्ट में इन्क्रीमेन्टल रैंकिंग यानी पिछली बार के मुकाबले सुधार के स्तर के मामले में 21 बड़े राज्यों की सूची में बिहार 21वें स्थान के साथ सबसे नीचे है। इसमें उत्तर प्रदेश 20वें, उत्तराखंड 19वें और ओडिशा 18वें स्थान पर हैं। रिपोर्ट के अनुसार संदर्भ वर्ष 2015-16 की तुलना में 2017-18 में स्वास्थ्य क्षेत्र में बिहार का संपूर्ण प्रदर्शन सूचकांक 6.35 अंक गिरा है। इसी दौरान उत्तर प्रदेश के प्रदर्शन सूचकांक में 5.08 अंक, उत्तराखंड 5.02 अंक तथा ओड़िशा के सूचकांक में 3.46 अंक की गिरावट आयी है।


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