मेरठ नीले ड्रम हत्याकांड: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्कान और साहिल की फांसी के खिलाफ याचिका की स्वीकार

Summary :

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस हाई-प्रोफाइल केस में दोषी ठहराए गए मुस्कान और साहिल को सुनाई गई मौत की सजा को चुनौती देने वाली एक याचिका स्वीकार कर ली है। मामले की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने निचली अदालत से पूरी केस फाइल और सभी सबूत मंगवा लिए हैं। कोर्ट अब इस मामले में अगली सुनवाई 30 नवंबर को करेगी।

उत्तर प्रदेश का ‘मेरठ ड्रम मर्डर केस’ अभी भी चर्चा में हैं। आज मंगलवार को इस मामले में एक कानूनी कार्रवाई होनी थी। खबर है कि अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस हाई-प्रोफाइल केस में दोषी ठहराए गए मुस्कान और साहिल को सुनाई गई मौत की सजा को चुनौती देने वाली एक याचिका स्वीकार कर ली है। मामले की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने निचली अदालत से पूरी केस फाइल और सभी सबूत मंगवा लिए हैं। कोर्ट अब इस मामले में अगली सुनवाई 30 नवंबर को करेगी। अब देखना होगा कि क्या मुस्कान और साहिल की मौत की सजा पर रोक लगाई जा सकती है, या फिर उन्हें कोई दूसरी सजा दी जा सकती है।

निचली अदालत के फैसले पर सवाल?

बता दें कि मेरठ की विशेष अदालत ने इस केस को “दुर्लभतम से दुर्लभ” श्रेणी में रखा। मौजूद सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर, कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी बताया और उन्हें मौत की सजा सुनाई। कोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए, दोषियों के वकील इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचे। बचाव पक्ष ने तर्क देते हुए बताया कि निचली अदालत ने सुनवाई के दौरान कई अहम कानूनी बिंदुओं को ध्यान में नहीं रखा; इसलिए, मौत की सजा को रद्द करना चाहिए।

कब होगी अगली सुनवाई?

मालूम हो कि नीला ड्रम का मामला पिछले साल मार्च में सामने आया, जब एक युवक (सौरभ) की हत्या कर दी गई; उसके शव के टुकड़े करके उसे एक प्लास्टिक के नीले ड्रम में छिपा दिया गया था। इस घटना के बाद आरोपी शहर से भाग गए, लेकिन कुछ दिनों बाद पुलिस ने इस केस का खुलासा किया और दोनों आरोपी (शाहिल और मुस्कान) को गिरफ्तार कर लिया। कानून के अनुसार, निचली अदालत की तरफ से सुनाई गई मौत की सजा को लागू करने से पहले हाई कोर्ट से उसकी पुष्टि होना जरूरी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।