Punjab Kesari Exclusive: कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष प्रियंका गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट सबसे बड़ी ताकत है। यदि किसी नागरिक के मताधिकार पर सवाल खड़े होते हैं, तो यह पूरे लोकतांत्रिक ढांचे के लिए गंभीर विषय है। भाजपा को युवाओं, महिलाओं और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
बिसवां में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ-वोट बचाओ’ संविधान जनसभा के दौरान प्रियंका गुप्ता ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी की अपील की। उन्होंने बिसवां से अपने पुराने जुड़ाव, क्षेत्र में उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, महिलाओं की राजनीतिक हिस्सेदारी तथा कांग्रेस संगठन में बदलाव जैसे मुद्दों पर भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह बिसवां में पली-बढ़ी हैं और आज भी यहां डिग्री कॉलेज का न होना उन्हें दुख पहुंचाता है। पंजाब केसरी के जोनल हेड मोहित जायसवाल ने प्रियंका गुप्ता से विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश:-
रामलीला मैदान की रैली में अधिक से अधिक लोगों के पहुंचने की अपील
सवाल: एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली को कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की लड़ाई बता रही है। इस रैली का क्या संदेश होगा?
जवाब: प्रियंका गुप्ता: यह केवल राजनीतिक रैली नहीं है, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और जनता के मताधिकार की रक्षा का अभियान है। जनता का वोट उसकी सबसे बड़ी ताकत है। यदि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और जनादेश की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं, तो उनका जवाब मिलना चाहिए।
हम चाहते हैं कि किसान, मजदूर, युवा, महिलाएं और समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करें। मैं बिसवां विधानसभा क्षेत्र की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करती हूं कि वे एक नवंबर को अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचकर इस रैली को सफल बनाएं।
‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर भाजपा से माफी की मांग
सवाल: कांग्रेस लगातार ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रही है। भाजपा से आपकी सबसे बड़ी मांग क्या है?
जवाब: प्रियंका गुप्ता: भाजपा को सबसे पहले देश के युवाओं, महिलाओं और जनता से माफी मांगनी चाहिए। जनता को अपने मताधिकार पर भरोसा होना चाहिए। हमारा सवाल है कि चुनाव प्रक्रिया इतनी पारदर्शी होनी चाहिए कि किसी भी मतदाता को अपने वोट की सुरक्षा को लेकर संदेह न रहे।
लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है। यदि मतदाता सूची या मतदान प्रक्रिया को लेकर कोई शिकायत है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और समस्या का समाधान किया जाना चाहिए। वोट की ताकत को कमजोर करने वाली किसी भी कोशिश का विरोध होना चाहिए। कांग्रेस इसी अधिकार की रक्षा के लिए आवाज उठा रही है।
बिसवां में आज भी डिग्री कॉलेज न होने का दुख
सवाल: आपने कहा कि बिसवां में पली-बढ़ी हैं, लेकिन आज भी यहां डिग्री कॉलेज नहीं है। अपने ही क्षेत्र की यह स्थिति देखकर क्या महसूस होता है?
जवाब: प्रियंका गुप्ता: बिसवां मेरा अपना क्षेत्र है। मैं यहीं पली-बढ़ी हूं। जब मैं यहां रहती थी, तब भी डिग्री कॉलेज नहीं था और आज भी यहां यह सुविधा नहीं होना मेरे लिए दुख की बात है। मुझे अपने क्षेत्र के लिए कुछ करने की इच्छा हमेशा से रही है।
उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए बेटियों और युवाओं को दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए ऐसा करना बहुत कठिन होता है। कई बार संसाधनों की कमी के कारण बेटियां आगे की पढ़ाई नहीं कर पातीं। यह केवल शिक्षा का सवाल नहीं है, बल्कि उनके भविष्य और आत्मनिर्भरता से भी जुड़ा हुआ विषय है। बिसवां में उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होने चाहिए, ताकि यहां के युवाओं को पढ़ाई के लिए दूसरे स्थानों पर जाने की मजबूरी न हो।
स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पर उठाए सवाल
सवाल: बिसवां की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी आपने सवाल उठाए हैं। आखिर क्षेत्र की स्थिति कितनी चिंताजनक है?
जवाब: प्रियंका गुप्ता: बिसवां में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति ठीक नहीं है। नए अस्पताल नहीं खुल रहे हैं और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी मरीजों को पर्याप्त उपचार सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है।
दस साल से सरकार होने के बावजूद ट्रामा सेंटर का पूरी तरह से संचालित न हो पाना भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। यदि किसी व्यक्ति की हालत अचानक बिगड़ जाए या दुर्घटना में उसे गंभीर चोट लग जाए, तो समय पर इलाज मिलना बहुत जरूरी है।
सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोगों को अपने क्षेत्र में ही जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों। जनता को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर सुविधाएं चाहिए। अस्पतालों में बेहतर उपचार, पर्याप्त संसाधन और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
खरगे के बयान पर विवाद को लेकर क्या बोलीं प्रियंका गुप्ता?
सवाल: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को लेकर भाजपा की ओर से सवाल उठाए गए। इस पूरे विवाद पर आपकी प्रतिक्रिया क्या है?
जवाब: प्रियंका गुप्ता: मेरा मानना है कि किसी भी मुद्दे पर बात करते समय सभी राजनीतिक दलों को अपनी भाषा और व्यवहार का ध्यान रखना चाहिए। भाजपा को पहले युवाओं, महिलाओं और देश की जनता से जुड़े उन सवालों का जवाब देना चाहिए, जिनमें उनके अधिकारों और सम्मान की बात शामिल है।
राजनीतिक बयानबाजी को लेकर केवल एक पक्ष को निशाना बनाना उचित नहीं है। जनता यह देखती है कि कौन उसके वास्तविक मुद्दों पर बात कर रहा है और कौन उन्हें पीछे छोड़कर विवादों को आगे बढ़ा रहा है। लोकतंत्र में असहमति हो सकती है, लेकिन जनता के अधिकारों और सम्मान से समझौता नहीं होना चाहिए।
प्रधानमंत्री के पिता पर बयानबाजी को लेकर कही यह बात
सवाल: प्रधानमंत्री के पिता को लेकर दिए गए बयान पर भी विवाद हुआ। क्या आपको लगता है कि राजनीतिक संवाद का स्तर गिर रहा है?
जवाब: प्रियंका गुप्ता: राजनीतिक संवाद में मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। मेरा कहना है कि इस तरह की बयानबाजी की शुरुआत किसने की, इस पर भी बात होनी चाहिए। भाजपा के नेताओं की ओर से भी अलग-अलग अवसरों पर लोगों के माता-पिता को लेकर बयान दिए जाते रहे हैं।
जब भी किसी के परिवार या माता-पिता को लेकर अनुचित टिप्पणी की जाती है, तो उसका विरोध होना चाहिए। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए। नियम और मर्यादा सभी के लिए समान होने चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि एक पक्ष के लिए अलग नियम हों और दूसरे पक्ष के लिए अलग।
कांग्रेस संगठन में बदलाव को लेकर क्या है रणनीति?
सवाल: कांग्रेस संगठन में बदलाव को लेकर चर्चाएं हैं। क्या इसे पार्टी की नई रणनीति के रूप में देखा जाना चाहिए?
जवाब: प्रियंका गुप्ता: राजनीति में समय-समय पर बदलाव होते रहते हैं। बदलाव प्रकृति का भी नियम है और संगठन को मजबूत बनाने के लिए समय के अनुसार नए निर्णय लेने पड़ते हैं। किसी भी संगठन में जिम्मेदारियों का पुनर्निर्धारण होता है, नए लोगों को अवसर मिलता है और पुराने अनुभवों का लाभ लिया जाता है।
कांग्रेस का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और जनता के बीच अपनी पहुंच बढ़ाना है। हमारे कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर जनता के सवालों पर काम करना चाहिए। संगठन की मजबूती का असली आधार जनता के बीच उसकी सक्रियता और लोगों का विश्वास है। जब कार्यकर्ता जनता की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए काम करते हैं, तो संगठन और मजबूत होता है।
महिलाओं की राजनीतिक हिस्सेदारी और सम्मान पर जोर
सवाल: राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी और सम्मान को लेकर कांग्रेस की क्या सोच है?
जवाब: प्रियंका गुप्ता: कांग्रेस हमेशा महिलाओं की हिस्सेदारी और सम्मान की आवाज उठाती रही है। उत्तर प्रदेश में हमारी प्रदेश अध्यक्ष मोना मिश्रा का महिला होना भी इस बात का उदाहरण है कि महिलाओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी दी जा रही है।
महिलाओं को केवल चुनाव के समय याद नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी उचित स्थान मिलना चाहिए। महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। जब महिलाओं को अवसर और सम्मान मिलता है, तो वे संगठन और समाज, दोनों को मजबूत बनाती हैं।
महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ने के लिए समान अवसर मिलने चाहिए। उनकी भागीदारी केवल प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें नीतियां बनाने और महत्वपूर्ण फैसले लेने में भी भूमिका मिलनी चाहिए।
राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी मिलने पर जताया आभार
सवाल: राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी मिलने पर आपने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का धन्यवाद किया। इस जिम्मेदारी को आप किस रूप में देखती हैं?
जवाब: प्रियंका गुप्ता: मैं अपने नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मुझ जैसी महिला को राष्ट्रीय स्तर पर मीडिया से जुड़ी जिम्मेदारी दी। यह मेरे लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।
मैं कोशिश करूंगी कि पार्टी की विचारधारा, जनता के मुद्दों और लोकतंत्र से जुड़े सवालों को मजबूती से सामने रख सकूं। मेरे लिए यह व्यक्तिगत उपलब्धि से ज्यादा जनता के बीच काम करने और अपनी जिम्मेदारी निभाने का अवसर है।
बिसवां से मेरा जुड़ाव रहा है, इसलिए अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर भी मेरी संवेदनशीलता बनी हुई है। मैं चाहती हूं कि क्षेत्र की जनता से जुड़े मुद्दों को उचित मंच मिले और उनकी समस्याओं को गंभीरता से उठाया जाए।
बिसवां की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिया संदेश
सवाल: अंत में, बिसवां की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए आपका क्या संदेश है?
जवाब: प्रियंका गुप्ता: मैं बिसवां की जनता से कहना चाहती हूं कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अपने मताधिकार जैसे मुद्दों को लेकर जागरूक रहें। कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनें और उनके समाधान के लिए संघर्ष करें। हमें एकजुट होकर संगठन को मजबूत करना है।
एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली में अधिक से अधिक लोग पहुंचें और लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के संकल्प को मजबूत करें। मेरा प्रयास रहेगा कि अपने क्षेत्र की समस्याओं को उचित मंच पर उठाती रहूं और बिसवां के विकास से जुड़े सवालों को लगातार सामने लाऊं। क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए, ताकि लोगों को बेहतर अवसर मिल सकें।
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