इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने जेलर को जान से मारने की धमकी देने के मामले में माफिया से नेता बने पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी को बुधवार को दोषी करार देते हुए दो साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने यह आदेश राज्य सरकार की अपील को मंजूर करते हुए पारित किया।
मिलने आए लोगों की तलाशी लेने का आदेस देने पर जान से मारने की दी थी धमकी
मामले के मुताबिक वर्ष 2003 में लखनऊ के तत्कालीन जेलर एसके अवस्थी ने आलमबाग थाने में अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि जेल में मुख्तार अंसारी से मिलने आए लोगों की तलाशी लेने का आदेश देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी।
निचली अदालत ने मुख्तार को कर दिया था बरी, सरकार ने अपील की थी दाखिल
अवस्थी ने यह भी आरोप लगाया था कि अंसारी ने उन्हें अपशब्द कहते हुए उन पर पिस्टल भी तान दी थी। इस मामले में निचली अदालत ने अंसारी को बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ सरकार ने अपील दाखिल की थी।
आपको बता दे की मुख्तार अंसारी कई वर्षों से जेल में बंद हैं, जंहा से वह पूर्ववर्ती सरकार में अपनी जरायम की सरकार को चलाता था, लेकिन 2017 की सरकार पलट के बाद से ही मुख्तार के बुरे दिन हो गए थे। योगी सरकार मुख्तार अंसारी करोड़ों रूपये की संपत्ति जब्त कर चुकी हैं, इसके साथ सरकार ने उसके कई गुर्गों को मौत की नींद सुला दिया था।
पूर्वांचल के डॉन के रूप में थी जरायम की दुनिया में पहचान
मुख्तार अंसारी का आतंक यूपी के पूर्वांचल में इतना था कि कोई भी व्यक्ति मुख्तार के नाम पर ठेका प्राप्त कर लेता था। रेलवे सहित कई सड़कों के ठेके में मुख्तार अपनी जरायम की दुनिया के सहारे सीधा दखल देता था। मुख्तार अंसारी सियासत में मंझा हुआ खिलाड़ी हैं,वह कई बार विधायकी का चुनाव जेल में रहकर जीत चुका हैं। लेकिन इस मुख्तार ने अपने लड़के को विधायक का चुनाव लड़वाकर जितवाया हैं।


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