उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बृहस्पतिवार को प्रत्येक साल की तरह बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालने का इरादा जाहिर करते हुए को कहा कि इस सिलसिले में कार्ययोजना तैयार हो रही है। राज्य के मुख्यमंत्री ने यहां अपने आवास पर बाढ़ प्रभावित 19 जिलों के 3,48,511 किसानों को उनकी फसलों की क्षतिपूर्ति के बदले 113.21 करोड़ रुपये का ऑनलाइन भुगतान कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि, बाढ़ की समस्या का जब तक हल नहीं होता तब तक बाढ़ से सुरक्षा के लिए सभी संवेदनशील जगहों पर समय से मानक के अनुसार काम होगा। यही वजह है कि हिमालय से लगे तराई के इलाके में इस साल औसत से दो-तीन गुना ज्यादा बारिश होने के बावजूद कहीं भी बाढ़ के कारण गंभीर समस्या नहीं उत्पन्न हुई।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हालांकि आपकी मेहनत और क्षति की तुलना में यह रकम मामूली है, पर मरहम जैसी यह रकम आपके हितों की प्रति हमारी प्रतिबद्धता का सबूत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के असाधारण संकट से लेकर वैश्विक आर्थिक मंदी तक अगर भारत की अर्थव्यवस्था पर कोई खास असर नहीं रहा तो इसकी वजह खेतीबाड़ी की मजबूती और इसे अपने खून-पसीने से लगातार बेहतर बनाने वाले हमारे किसान भाई ही रहे।
योगी ने कहा कि, ऐसे में हमारा भी फर्ज है कि किसानों को उनके उपज का वाजिब दाम मिले। किसी भी स्तर पर उनका शोषण न हो। हर जिले के डीएम को इस बाबत स्पष्ट निर्देश दिये जा चुके हैं कि जो भी किसानों का शोषण करेगा उसे दंडित किया जाएगा। केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए पीएम सिंचाई, पीएम फसल बीमा, पीएम किसान सम्मान निधि जैसी कई योजनाएं भी चला रही हैं।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पांच जिलों के कुछ किसानों से बात भी की। मुख्यमंत्री ने हालचाल के साथ यह भी पूछा कि फसल की क्षति बाढ़ से हुई थी या अतिवृिष्ट के नाते हुए जलभराव से बाढ़ के दौरान राहत सामग्री मिली थी या नहीं। किसानों ने कहा हम आपके काम से बेहद खुश हैं।
किसानों ने कहा कि, बाढ़ के दौरान सभी प्रभावित गांवों में राहत सामग्री मिली। जहां जरूरत थी वहां युद्ध स्तर पर बचाव कार्य भी हुआ। अब फसलों की क्षति के बदले मुआवजा पाकर हम बेहद खुश हैं। मुख्यमंत्री ने सभी किसानों को नवरात्रि की शुभकामनाएं भी दीं।


Download Android App
Download iOS App



