उत्तर प्रदेश में सोनभद, के हिंसा प्रभावित लोगों से मुलाकात करने जा रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को यहां दलहट क्षेत्र में पुलिस ने रोक दिया जिसके बाद वह धरने पर बैठ गयी हैं। श्रीमती वाड्रा सोनभद, में हुये जमीनी विवाद में घायल लोगों से मिलने शुक्रवार को वाराणसी आयी थी।

बीएचयू अस्पताल में घायलों से मुलाकात के बाद वह सोनभद, के लिये निकली थी लेकिन मिर्जापुर सीमा पर स्थित दलहट थाने के पास उनके काफिले को पुलिस ने रोक लिया। सुरक्षा बलों ने कांग्रेस महासचिव को सोनभद, में निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला देकर आगे जाने की अनुमति देने से मना कर दिया। इसके विरोध में उनकी अधिकारियों के साथ नोकझोंक हुयी। बाद में कांग्रेस महासचिव धरने पर बैठ गयी।

धरने पर बैठीं प्रियंका गांधी ने कहा, ‘हम बस पीड़ित परिवार से मिलना चाहते हैं। मैं तो यहां तक कहा कि मेरे साथ सिर्फ 4 लोग होंगे। फिर भी प्रशासन हमें वहां जाने नहीं दे रहा है। उन्हें हमें बताना चाहिए कि हमें क्यों रोका जा रहा है. हम यहां शांति से बैठे रहेंगे।
बाद में पुलिस ने प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया गया. हिरासत में लेने के बाद प्रियंका गांधी को चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया। इस दौरान कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि कहां ले जाया जा रहा है, लेकिन वे जहां ले जाएंगे हम जाने को तैयार हैं. लेकिन झुकेंगे नहीं।
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पुलिस अधिकारी उनसे धरना समाप्त करने की गुजारिश करते दिखे। गौरतलब है कि बुधवार को सोनभद, के घोरावल क्षेत्र के उम्भा गांव में जमीनी विवाद को लेकर दस लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी। इस सिलसिले में ग्राम प्रधान समेत 27 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घटना के विरोध में विपक्ष लामबंद हो गया है। कांग्रेस,सपा,बसपा और रालोद समेत राज्य की सभी विपक्षी पार्टियों ने घटना की एक सुर में भर्त्सना की है और प्रदेश में कानून व्यवस्था की बिगडती हालत पर चिंता जतायी है।


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