कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश मामलों की प्रभारी प्रियंका गांधी वाद्रा ने शुक्रवार की सुबह ललितपुर में पीड़ित किसान परिवारों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। शुक्रवार को प्रियंका गांधी वाद्रा ने ट्वीट किया, ”ललितपुर में पीड़ित किसान परिवारों से मिलकर उनकी पीड़ा साझा की।”
बुंदेलखंड, ललितपुर: पीड़ित किसान परिवारों से मिलकर उनकी पीड़ा साझा की।
https://t.co/NiDfsMUXhd— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) October 29, 2021
वह बृहस्पतिवार की रात को लखनऊ से ट्रेन के जरिए ललितपुर के लिए रवाना हुईं। इसके पहले उन्होंने ट्वीट किया था, ”किसान मेहनत कर फसल तैयार करे तो फसल का दाम नहीं। किसान फसल उगाने की तैयारी करे तो खाद नहीं। खाद न मिलने के चलते बुंदेलखंड के दो किसानों की मौत हो चुकी है लेकिन, किसान विरोधी भाजपा सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी है। इनकी नीयत और नीति दोनों में किसान विरोधी रवैया है।”
गौरतलब है कि ललितपुर जिले के जाखलौन थाना क्षेत्र में खाद खरीदने के लिए दो दिन से दुकान की लाइन में खड़े एक किसान की 22 अक्टूबर को मौत हो गयी थी। इसके अलावा एक किसान ने खाद न मिलने पर परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी।
कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने बताया कि ”सभी किसानों ने खेती के लिए भारी भरकम कर्ज लिए थे और सरकार की नीतियों के चलते कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे थे। खाद न मिलना, मुआवजा न मिलना और फसल की बर्बादी से किसानों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।” पिछले हफ्ते ललितपुर के किसानों ने खाद की कमी को लेकर आंदोलन भी किया था।ललितपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) निखिल पाठक ने बताया था कि जाखलौन थाना क्षेत्र के नया गांव के किसान भोगीलाल पाल (55) की 22 अक्टूबर को सुबह करीब साढ़े नौ बजे जगपुरा स्थित खाद की दुकान में हृदय गति रुक जाने (हार्ट अटैक) से मौत हो गयी। वह दो दिन से खाद खरीदने के लिए लाइन में लगे थे।
वहीं, किसान के बेटे कृपाल ने बताया था कि उसके पिता (भोगीलाल) दो दिन से जगपुरा स्थित खाद की दुकान में खाद खरीदने के लिए लाइन में लगे थे, रात को वह दुकान के बाहर ही सो गए गए थे और सुबह लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, तभी अचानक जमीन पर गिर गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


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