राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का 65वां अधिवेशन 22-25 नवंबर को आगरा में आयोजित हो रहा है। इसमें आरएसएस के तमाम वरिष्ठ अधिकारी समेत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। इस दौरान राममंदिर पर आए निर्णय और अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद की स्थिति के प्रस्ताव पर चर्चा होगी।
एबीवीपी के ब्रज प्रांत के संगठन मंत्री जयकरन सिंह ने बताया, “परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन 22 नवम्बर की शाम से शुरू होकर 25 नवम्बर तक आगरा कालेज के मैदान पर होगा। इस दौरान हमारे कार्यक्रम में देशभर के तमाम कार्यकर्ता एकत्रित होंगे। इसमें सभी दायित्वधारी लोग भी आएंगे। संगठन की दृष्टि से बने 40 प्रांतों से लोग आएंगे। इसके अलावा नेपाल से भी लोग अधिवेशन में भाग लेने आ रहे हैं।”
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उन्होंने बताया, “अधिवेशन में चार प्रस्ताव आएंगे। एक प्रस्ताव राज्य विश्वविद्यालय की स्थिति, दूसरा देश की वर्तमान अधिकारिक व आर्थिक स्थिति, तीसरा रामजन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय और चौथा जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 एवं 35ए हटाए जाने के बाद की वहां के हालात पर प्रस्ताव पास होगा। अधिवेशन में एक प्रदर्शनी लगाई जाएगी जिसमें परिषद की 70 सालों की यात्रा वृतांत का वर्णन होगा। इसका उद्घाटन प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डा़ दिनेश शर्मा करेंगे।”
जयकरन ने बताया, “प्रदर्शनी का उद्घाटन 22 नवम्बर को होगा। 23 नवम्बर को अधिवेशन की औपचारिक शुरूआत होगी। इसी दिन शाम को एकात्मता विषय पर चर्चा होगी। जिसमें अखिल भारतीय राज्य विश्वविद्यालय कार्य प्रमुख श्रीहरि बोरिकर और डा़ शिदें भाग लेंगे। 24 नवम्बर को रोजगार विमर्श और संभावनाओं पर चर्चा होगी जिसमें आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड में निदेशक सतीष मराठे और अर्थशास्त्री संतोष मेहरोत्रा भाग लेंगे। 25 नवम्बर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सागर रेड्डी को यशवंत राव केलकर युवा पुरस्कार देंगे।”


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