SP Protest UP Assembly: उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही सियासी माहौल गर्म हो गया। दरअसल, समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने विधानसभा परिसर में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी के नेता और विधायक हाथों में पोस्टर, तख्तियां और दानपात्र लेकर पहुंचे। उन्होंने अलग- अलग मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए और अपनी नाराजगी जाहिर की। सपा का कहना है कि राज्य में कई अहम मुद्दे हैं, जिन पर सरकार जवाब देने से बच रही है। इसी वजह से सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन कर सरकार को घेरने की कोशिश की।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान सपा विधायकों ने राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मामले को प्रमुखता से उठाया। विधायक हाथों में दानपात्र लेकर पहुंचे और “चंदा चोर, गद्दी छोड़” जैसे नारे लगाए। उन्होंने सवाल किया कि भगवान श्रीराम के नाम पर मिला चढ़ावा आखिर कहां गया। इसके साथ ही NEET पेपर लीक मामले को लेकर भी प्रदर्शन में सवाल खड़े किए गए। इसके साथ ही कई विधायकों के हाथों में इस मामले से जुड़े पोस्टर भी थे। उनका कहना था कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों युवाओं का भविष्य पर असर पड़ा है और सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
शिवपाल यादव ने छोटे सत्र पर जताई नाराजगी
इस दौरान समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता और विधायक शिवपाल सिंह यादव ने विधानसभा के मानसून सत्र की अवधि को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल तीन दिन का सत्र बुलाना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था, किसानों, युवाओं, बेरोजगारी और अन्य कई गंभीर मुद्दे हैं। इतने कम समय में इन सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा नहीं हो सकेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण सवालों से बचना चाहती है, इसलिए छोटा सत्र बुलाया गया है। इसके साथही उन्होंने आगे कहा कि राम मंदिर चढ़ावे का मामला, युवाओं की समस्याएं और अन्य जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन सीमित समय के कारण ऐसा होना मुश्किल सा लग रहा है।
विपक्ष को पूरा मौका मिलेगा, सतीश महाना
इस दौरान उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्ष की ओर से किए गए प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर दल को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विधानसभा के अंदर विपक्ष को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार और विपक्ष दोनों का दायित्व है कि सदन की गरिमा बनाए रखें। अगर विपक्ष नियमों का पालन करते हुए अपने मुद्दे उठाता है तो उसे पूरा समय और अवसर दिया जाएगा।
हंगामे से बचने की दी सलाह
इसके साथ ही सतीश महाना ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में चर्चा और संवाद सबसे मजबूत माध्यम हैं। उनका मानना है कि सदन में अनावश्यक हंगामा या ऐसा व्यवहार, जिससे जनता के बीच गलत संदेश जाए, सही नहीं है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह अपने सभी मुद्दे सदन के अंदर नियमों के अनुसार उठाए।
उन्होंने दोहराया कि विधानसभा अध्यक्ष के रूप में वह सभी सदस्यों को निष्पक्ष तरीके से अपनी बात रखने का अवसर देंगे, ताकि जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो सके।
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