उत्तर प्रदेश में महोबा जिले के कबरई कस्बे के क्रशर व्यवसायी की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से हुई मौत के मामले में फरार महोबा जिले के निलंबित पूर्व पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार के खिलाफ घोषित इनाम की राशि को 25 हजार रुपये से बढ़ाकर रविवार को 50 हजार रुपये कर दिया गया।
चित्रकूटधाम क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के. सत्यनारायण ने बताया कि कबरई के क्रशर व्यवसायी इन्द्रकांत त्रिपाठी को आत्महत्या के लिए बाध्य करने और भ्रष्टाचार के मामले में पिछले तीन महीने से फरार महोबा के निलंबित पूर्व पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार पर 29 नवंबर को 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था जिसे बढ़ाकर आज 50 हजार रुपये कर दिया गया।
उन्होंने बताया ‘मैंने इनाम की राशि महोबा के मौजूदा पुलिस अधीक्षक द्वारा शनिवार को लिखे गए पत्र के आधार पर बढ़ाई है।’ गौरतलब है कि क्रशर व्यवसायी इन्द्रकांत त्रिपाठी ने सात और आठ सितंबर को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक पाटीदार के खिलाफ छह लाख रुपये की रिश्वत मांगने और अपनी जान को खतरा बताने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था और इसके कुछ घण्टे बाद ही वह संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से घायल अवस्था में अपनी कार में पाए गए थे। त्रिपाठी की कानपुर की रीजेंसी अस्पताल में 13 सितंबर को इलाज के दौरान मौत हो गयी थी।
इस सिलसिले में मृत क्रशर व्यवसायी के बड़े भाई रविकांत ने 11 सितंबर को निलंबित पाटीदार, बर्खास्त थानाध्यक्ष शुक्ला और दो अन्य क्रशर व्यवसायी सुरेश सोनी और ब्रम्हदत्त के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज करवाया था, जो त्रिपाठी की मौत होने पर हत्या का मामला बन गया था, लेकिन एसआईटी की जांच में सामने आया कि त्रिपाठी ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से खुद को गोली मारी थी, लिहाजा अब यह मामला आत्महत्या के लिए बाध्य करने की धारा में चल रहा है।
इसी मामले में कबरई के बर्खास्त पूर्व थानाध्यक्ष देवेन्द्र शुक्ला को 25 नवंबर को महोबा पुलिस ने झांसी की सीमा से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि बर्खास्त सिपाही अरुण कुमार यादव ने तीन दिन पूर्व लखनऊ की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है। इस मामले में नामजद दो व्यवसायी सुरेश सोनी व ब्रम्हदत्त पहले से ही जेल में हैं। सिर्फ आईपीएस अधिकारी पाटीदार ही फरार हैं।


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