उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में जमीन विवाद को लेकर बुधवार को हुई झड़प के मामले में 24 लोग गिरफ्तार किए गए हैं जबकि चोट की वजह से एक और व्यक्ति की मौत हो जाने के चलते मृतकों की संख्या 10 हो गई है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
ग्राम प्रधान और उसके समर्थकों द्वारा एक प्रतिद्वंद्वी समूह पर कथित तौर पर गोलियां बरसाने की घटना में 18 अन्य घायल हो गए। मृतक गोंड आदिवासी समुदाय से थे। पुलिस अधीक्षक एस टी पाटिल ने बताया कि 24 व्यक्ति गिरफ्तार किए गए हैं और अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस ने ग्राम प्रधान के दो भतीजों- गिरिजेश और विमलेश को भी गिरफ्तार कर लिया है और उसका भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। 11 नामजदों के साथ 61 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं मामले को लेकर राज्य सभा में जोरदार हंगामा हुआ।
समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने उत्तर प्रदेश में जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसा का मुद्दा उठाते हुए आज राज्यसभा में हंगामा किया जिसके चलते सदन की कार्यवाही बारह बजे तक स्थगित करनी पड़ी। सभापति एम वेंकैया नायडू ने गुरूवार को विधायी दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाने के बाद जैसे ही शून्यकाल शुरू करना चाहा समाजवादी पार्टी के सदन में नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश में जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसा के मामले में नोटिस दिया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में दस आदिवासियों की मौत हुई है। सभापति नायडू ने कहा कि यह नोटिस स्वीकार नहीं किया गया है। इस पर सपा के सदस्य अपनी जगहों से उठकर आसन के निकट आकर अपनी बात कहने लगे। इसी बीच कांग्रेस के रिपुन बोरा हाथ में कागज लहराते हुए आसन के निकट आकर सभापति को दिखाने लगे।
नायडू ने उन्हें अपनी सीट पर जाने को कहा। सभापति ने कहा कि यह एक राज्य से जुड़ा मामला है। उन्होंने सपा सदस्यों से शांत होने और शून्यकाल चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही न तो टेलीविजन पर दिखाई जा रही है और न ही इसे रिकार्ड में लिया जाएगा फिर सदस्य अपनी ऊर्जा क्यों खराब कर रहे हैं। सपा सदस्यों पर उनकी अपील का असर न होते देख सभापति ने सदन की कार्यवाही बारह बजे तक स्थगित कर दी।


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