UP Hathras : उत्तर प्रदेश के हाथरस भगदड़ मामले में लापरवाही को लेकर एसआईटी स्तर से हो रही जांच लगभग अंतिम दौर में है। इस हादसे के बाद ही मुख्यमंत्री स्तर से एसआईटी जांच का आदेश जारी किया गया। हालांकि यह रिपोर्ट बुधवार को ही देनी थी। मगर राहत व बचाव कार्य जारी रहने और बुधवार को मुख्यमंत्री के आने के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी। बता दें कि, बृहस्पतिवार को भी देर रात तक बयान दर्ज करने की प्रक्रिया जाारी रही। लेकिन उम्मीद है कि यह जांच रिपोर्ट मध्य रात्रि तक पूर्ण कर शुक्रवार यानी आज शासन को भेज दी जाएगी।
Highlight :
- भगदड़ मामले में शासन को आज भेजी जा सकती है जांच रिपोर्ट
- कई अधिकारी के ऊपर गाज गिरना तय माना जा रहा
- मुख्यमंत्री स्तर से एसआईटी जांच का आदेश जारी किया गया
शासन को आज भेजी जा सकती है जांच रिपोर्ट
हाथरस भगदड़ हादसे के मूल कारणों और लापरवाही को लेकर एसआईटी स्तर से हो रही जांच लगभग अंतिम दौर में है। बृहस्पतिवार को भी देर रात तक बयान दर्ज करने की प्रक्रिया जाारी रही। उम्मीद है कि यह जांच रिपोर्ट मध्य रात्रि तक पूर्ण कर शुक्रवार को शासन को भेज दी जाएगी। बता दें कि, दो जुलाई की दोपहर हुए इस हादसे के बाद ही मुख्यमंत्री स्तर से एसआईटी जांच का आदेश जारी किया गया। एडीजी आगरा जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ व मंडलायुक्त चैत्रा वी को एसआईटी का जिम्मा देते हुए 24 घंटे में रिपोर्ट तलब की। जिसमें सबसे बड़ा सवाल हादसे के मूल कारण और लापरवाही व अनदेखियों को उजागर करना है।
एसडीएम और सीओ का दोबारा से बयान लिया गया
जानकारी के मुताबिक, कुल 132 लोगों की सूची तैयार की गई। बुधवार को भी बयान हुए और बृहस्पतिवार को भी देर रात तक बयान दर्ज होने का क्रम जारी रहा। इसमें घटनास्थल पर तैनात एक एक पुलिस व अन्य सभी विभागों के कर्मचारी-अधिकारी, प्रारंभिक सूचना वाले कर्मी, एंबुलेंस कर्मी, डॉक्टर, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर, किसान, चश्मदीद, घायल, तहसील व जिला स्तर के अधिकारी, डीएम-एसपी आदि तमाम लोग शामिल हैं। इसके अलावा बाबा का नाम भी बयान दर्ज कराने वालों की सूची में शामिल है। साथ में फोर्स की तैनाती, कमी, एंबुलेंस की कमी, देरी से उपचार आदि सवालों पर जवाब लिए जा रहे हैं। इसके अलावा सेवादारों की भूमिका आदि को भी सवालों में शामिल किया जा रहा है। एसडीएम और सीओ के बृहस्पतिवार को दोबारा से बयान लिए गए।


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