उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर टिप्पणी की तो भाजपा के सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। वे सदन की कार्यवाही रोककर राम मंदिर पर चर्चा कराने की मांग करने लगे।
- Swami Prasad Maurya ने प्राण प्रतिष्ठा पर की टिप्प्णी
- स्वामी प्रसाद के बयान पर भड़के भाजपाई
- सदन में हुई नोकझोंक
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम भाजपा का था- स्वामी प्रसाद
स्वामी प्रसाद ने कहा कि भाजपा सरकार ऐसा प्रचारित कर रही है, जैसे राम पहले थे ही नहीं। जबकि सच्चाई यह है कि राम की हजारों साल से पूजा होती रही है। उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम भाजपा का था। इसकी वजह से लाखों लोगों को वहां जाने से रोक दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राम पहले से मौजूद हैं तो अरबों रुपया खर्च करने की क्या जरूरत थी?
शिक्षा सेवा चयन आयोग में अभी तक अध्यक्ष का चयन नहीं हो पाया
इस पर भाजपा सदस्यों ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ सपा सदस्य को हाईकोर्ट जाना चाहिए। वे राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा विषय पर चर्चा कराने की मांग करने लगे। हालांकि पीठ ने उनकी इस मांग को अस्वीकार कर दिया। बाद में स्वामी प्रसाद ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग में अभी तक अध्यक्ष का चयन नहीं हो पाया है। इसी तरह प्रदेश के महाविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों में चल रही भर्ती में आरक्षण की अनदेखी की जा रही है।


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