Uttar Pradesh News: तीतरों थाने में 10 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा गया दरोगा, एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ किया गिरफ्तार

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Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के तीतरों थाने में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एंटी करप्शन टीम ने थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक (दरोगा) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस विभाग में चर्चा शुरू हो गई। आरोपी दरोगा की पहचान देशपाल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, एंटी करप्शन टीम को पहले से ही दरोगा के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। शिकायत की जांच के बाद टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की और आरोपी को रिश्वत लेते समय पकड़ लिया। Uttar…

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के तीतरों थाने में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एंटी करप्शन टीम ने थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक (दरोगा) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस विभाग में चर्चा शुरू हो गई। आरोपी दरोगा की पहचान देशपाल के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, एंटी करप्शन टीम को पहले से ही दरोगा के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। शिकायत की जांच के बाद टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की और आरोपी को रिश्वत लेते समय पकड़ लिया।

Uttar Pradesh News: 10 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा गया आरोपी

गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे एंटी करप्शन विभाग की टीम तीतरों थाने पहुंची। टीम ने दरोगा देशपाल को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए थाना नानौता ले जाया गया, जहां उससे काफी देर तक पूछताछ की गई।

इसके बाद एंटी करप्शन विभाग की टीम आरोपी को अपने साथ लेकर चली गई। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप

इस मामले में शिकायतकर्ता मुकेश कुमार, निवासी गांव असाबागढ़, थाना तीतरों ने बताया कि उसने 2 मई को एंटी करप्शन विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। मुकेश का आरोप है कि गांव के वर्तमान प्रधान संजीव कुमार और दरोगा देशपाल की मिलीभगत थी।

मुकेश के अनुसार, प्रधान ने उसके खिलाफ झूठी शिकायत की थी। इसी शिकायत के आधार पर दरोगा ने उस पर सरकारी रेहड़ा चोरी करने का आरोप लगाया और मुकदमा दर्ज करने की धमकी देने लगा। शिकायतकर्ता का कहना है कि दरोगा मामले को खत्म करने के बदले 10 हजार रुपये की मांग कर रहा था।

पहले की गई थी शिकायत

मुकेश कुमार ने बताया कि जब उससे लगातार पैसे मांगे जाने लगे, तब उसने एंटी करप्शन विभाग से संपर्क किया। विभाग ने शिकायत को गंभीरता से लिया और पूरे मामले की जांच शुरू की। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद टीम ने जाल बिछाकर आरोपी दरोगा को रिश्वत लेते समय पकड़ लिया।

पुलिस विभाग की छवि पर उठे सवाल

इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। रिश्वतखोरी के मामलों में लगातार सामने आ रही घटनाएं विभाग की छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि आम लोगों को न्याय मिल सके।

फिलहाल एंटी करप्शन विभाग आरोपी दरोगा के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।