मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सत्ता में आने के बाद से ही उत्तर प्रदेश में माफियाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी करने के बाद योगी सरकार ने माफिया डॉन और बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को वापस उत्तर प्रदेश लाने के संबंध में अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोपड़ जेल अधीक्षक को नोटिस जारी करने के बाद गाजीपुर से उत्तर प्रदेश पुलिस के 3 पुलिसकर्मी पंजाब के रोपड़ गए हैं क्योंकि अंसारी अभी रोपड़ जेल में ही बंद है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की एक अपील के बाद 18 दिसंबर को यह नोटिस जारी किया था। इससे पहले अंसारी के खिलाफ कई वारंट जारी किए गए थे, लेकिन पंजाब पुलिस ने उसकी खराब सेहत का हवाला देकर उत्तर प्रदेश में शिफ्ट करने की अनुमति नहीं दी थी।
बता दें कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने मुख्तार अंसारी और उसके नाम से अवैध कारोबार चलाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। लखनऊ, मऊ और गाजीपुर में अंसारी से जुड़ी करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति को ध्वस्त किया जा चुका है।
18 सितंबर को उप्र पुलिस ने एक सील संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा करने पर मुख्तार अंसारी की पत्नी अफसा अंसारी और उनके भाइयों शरजील रजा और अनवर शहजाद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। वहीं 28 अगस्त को मऊ जिला प्रशासन ने मुख्तार अंसारी के करीबी सहयोगी के अवैध बूचड़खाने को ध्वस्त कर दिया था।


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