बुधवार के दिन करें ये 5 उपाय, घर में आएगी सुख समृद्धि और परिवार में बढ़ेगा प्यार

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Budhwar ke Upay: हिंदू धर्म में बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित है। भगवान गणेश देवों के देव महादेव और माता पार्वती के पुत्र हैं। भगवान गणेश को विघ्नकर्ता का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि हर बुधवार के दिन जो भक्त इस दिन सच्चे मन से उपवास और पूजा- अर्चना करते हैं। उनके सभी अटके हुए काम पूरे काम हो जाते हैं। आइए जानते हैं, बुधवार के दिन पूरी भक्ति के साथ भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन में क्या-क्या बदलाव आते हैं। हिंदू धर्म में सप्ताह के हर दिन का एक विशेष महत्व होता…

Budhwar ke Upay: हिंदू धर्म में बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित है। भगवान गणेश देवों के देव महादेव और माता पार्वती के पुत्र हैं। भगवान गणेश को विघ्नकर्ता का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि हर बुधवार के दिन जो भक्त इस दिन सच्चे मन से उपवास और पूजा- अर्चना करते हैं। उनके सभी अटके हुए काम पूरे काम हो जाते हैं। आइए जानते हैं, बुधवार के दिन पूरी भक्ति के साथ भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन में क्या-क्या बदलाव आते हैं।

हिंदू धर्म में सप्ताह के हर दिन का एक विशेष महत्व होता है। अगर आप उस दिन से जुड़े देवता की पूजा करते हैं, तो जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं।बुधवार का दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु के अवतार श्रीगणेश जी और बुध ग्रह को समर्पित होता है। इस दिन बुद्धि, वाणी, व्यापार, सौम्यता और सफलता से जुड़ा होता है। इस लिए कुछ ऐसे उपाय हैं, जिन्हें करने से जीवन में रुके हुए कार्य पूरे होते हैं। ऐसा करने से घर में धन की कमी नहीं होती है और समृद्धि के द्वार खुलते हैं साथ ही पारिवारिक जीवन में शांति बनी रहती है।

Budhwar ke Upay: बुधवार के उपाय

Budhwar ke Upay
Budhwar ke Upay (Source: AI)

बुधवार की पूजा के लिए, सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और फिर ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) की ओर मुख करके आसन पर बैठें। इसके बाद, श्रद्धापूर्वक भगवान श्री गणेश और बुध देव का ध्यान करें। इसके बाद उस स्थान को पवित्र करके वहां भगवान गणेश की प्रतिमा को और इसके साथ ही बुध देव को हरे रंग के वस्त्र चढ़ाएं। पूजा के दौरान श्री गणेश और बुध देव के मंत्रों का जाप करें और व्रत का संकल्प करें।

गणेश जी की मूर्ति को स्थापित करने के बाद उन्हें फूल, दुर्वा, मोदक आदि अर्पित करें। इसके बाद हाथ में कुश और जल लेकर ओम अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोअपी वा। य: स्मरेत पुण्डरीकाक्षं स बाहान्तर: शुचि:।। इस मंत्र का जप करें और जल को पूजन सामग्री पर छिड़क दें। इसके बाद दीपक जलाकर गणेश जी के मंत्रों का जप आपको करें। इसके बाद श्री गणेश को हलवे का भोग लगाएं और फिर श्री गणेश व बुध देव की आरती गाएं। पूजा समाप्त होने पर भोग को प्रसाद के रूप में सभी में बांट दें। अंत में शाम को फलाहार से व्रत का पारण करें।

Wednesday Remedies: बुधवार के दिन करें ये काम

Budhwar ke Upay
Budhwar ke Upay (Source: AI)

गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें

बुधवार के दिन भगवान श्रीगणेश को हरी दूर्वा की 21 गांठों की एक माला अर्पित करें। इससे आपके जीवन में सभी बाधाओं का नाश होता है और रुके हुए कार्य पूरे होते हैं। यह उपाय बुध दोष को भी शांत करता है। जिससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

गाय को हरी घास खिलाएं और हरे वस्त्र पहनें

बुधवार के दिन हरे रंग के वस्त्र को काफी शुभ माना गया है। इस दिन गाय, ब्राह्मण या जरूरतमंद को हरे फल, सब्जियां या हरी घास दान करें। इससे बुध ग्रह मजबूत होता है। बुधवार को ग्रह सेवा को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। अगर इस दिन गाय को हरी घास या चारा खिलाते हैं, तो इससे पुण्य प्राप्त होता है। साथ ही परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

तुलसी के पौधे में जल दें

इस दिन तुलसी माता की पूजा करें और उन्हें गंगाजल मिश्रित जल चढ़ाएं। साथ ही ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें। और पूजा स्थल पर हरे रंग का कपड़ा रखें, फिर उस पर गणेश यंत्र स्थापित करें और रोज़ धूप-दीप करें। इससे व्यापार में लाभ और वृद्धि होती है।

हरी मूंग का दान करें

बुधवार के दिन हरे रंग की दाल का दान करने से रोग, कर्ज और धन की कमी जैसी समस्या से छुटकारा मिलता है। इस उपाय को विशेष रूप से बुधवार के दिन ही किया जाता है।

बच्चों को मिठाई के साथ शिक्षा सामग्री दें

इस दिन छोटे बच्चों को मिठाई या किताबें, पेन, पेंसिल आदि दान करें। इससे पुण्य मिलता है और संतान पक्ष को मजबूत बनाता है। इस उपाय को करने से जीवन में आर्थिक लाभ प्रदान होता है।

Wednesday Mantras: बुधवार को करें इस मंत्र का जाप

Budhwar ke Upay
Budhwar ke Upay (Source: social media)

1. ऊँ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ:।
निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा।।

2. ॐ एकदन्ताय विद्धमहे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥

3. गजाननं भूत गणादि सेवितं कपित्थ जम्बू फल चारूभक्षणं।
उमासुतं शोक विनाशकारकं नमामि विघ्रेश्वरपादपंकजम।।

4. ॐ नमो विघ्नहराय गं गणपतये नम:।

5. ॐ गं गणपतये नमः ।।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।