Hartalika Teej Vrat Kaise Rakhein? जानें व्रत की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

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Hartalika Teej Vrat Kaise Rakhein: हरतालिका तीज का त्योहार भगवान शिव और पार्वती के मिलन का प्रतिक है। यह त्योहार हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। कहते हैं कि माता पार्वती ने भगवान शिव को वर के रूप में पाने के लिए यह व्रत किया था, तक जाकर उन्हें भोलेनाथ वर के रूप में प्राप्त हुए थे। (Hartalika Teej Vrat Kaise Rakhein)अविवाहित महिलाएं अच्छा वर पाने के लिए ये व्रत रखती हैं और सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं। इस व्रत में महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की…

Hartalika Teej Vrat Kaise Rakhein: हरतालिका तीज का त्योहार भगवान शिव और पार्वती के मिलन का प्रतिक है। यह त्योहार हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। कहते हैं कि माता पार्वती ने भगवान शिव को वर के रूप में पाने के लिए यह व्रत किया था, तक जाकर उन्हें भोलेनाथ वर के रूप में प्राप्त हुए थे। (Hartalika Teej Vrat Kaise Rakhein)अविवाहित महिलाएं अच्छा वर पाने के लिए ये व्रत रखती हैं और सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं।

इस व्रत में महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की रेत और मिट्टी से मूर्ति बनाकर, उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। तो चलिए जानते हैं कि हरतालिका तीज कब है और इस व्रत को रखने के क्या नियम हैं।

हरतालिका तीज मुहूर्त (Hartalika Teej Muhurat)

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पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 25 अगस्त को दोपहर में 12 बजकर 35 मिनट से शुरू हो रही है, जो 26 अगस्त को दोपहर में 12 बजकर 35 मिनट तक होगी। उदया तिथि की हिसाब से हरतालिका तीज का व्रत 26 अगस्त, मंगलवार को रखा जाएगा।

हरतालिका तीज व्रत की विधि (Hartalika Teej Vrat Kaise Rakhein)

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1. अगर आप एक बार हरतालिका तीज व्रत करना शुरू करते हैं, तो फिर इसे जिंदगी भर रखना होता है।

2. हरतालिका तीज व्रत निर्जला होता है, यानि इस व्रत में आप जल और अन्न का सेवन नहीं कर सकते। अगले दिन माता पार्वती को सिन्दूर चढ़ाने के बाद ही खीरा या ककड़ी खाकर व्रत खोला जाता है।

3. हरतालिका तीज की पूजा में माता पार्वती को खीरे और हलवे का भोग लगाया जाता है।

4. हरतालिका तीज की पूजा प्रदोष काल में होता है, यानि शाम को सूरज डूबने के बाद की जाती है।

5. हरतालिका तीज व्रत में हरतालिका तीज व्रत कथा जरूर सुननी चाहिए। इसके बिना व्रत अधूरा माना जाता है।

6. हरतालिका तीज पर महिलाओं को 16 श्रृंगार करना चाहिए। कहते हैं कि 16 श्रृंगार करने से मां पार्वती प्रसन्न होती हैं।

7. हरतालिका तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती कि मिट्टी से मूर्ति बनाकर पूजा करनी चाहिए और अगले दिन उनका विसर्जन करना चाहिए।

8. हरतालिका तीज पर माता पार्वती को सुहाग का सामान और भगवान शिव को धोती और अंगोछा भी चढ़ाएं।

9. हरतालिका तीज व्रत के दौरान अगले दिन सूर्योदय पर स्नान करने के बाद माता पार्वती को सिन्दूर चढ़ाएं, इस के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है।

10. हरतालिका तीज व्रत के बाद किसी गरीब महिला को सुहाग का सामान दान करना चाहिए।

पार्वती जी के इन मंत्रों का करें जाप –

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1. ओम पार्वत्यै नमः। ओम उमाये नमः।।

2. या देवी सर्वभूतेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

3. सिंदूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्। शुभदं कामदं चैव सिंदूरं प्रतिगृह्यताम्।।

4. गण गौरी शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकर प्रिया। मां कुरु कल्याणी कांत कांता सुदुर्लभाम्।।

5. ॐ नमः मनोभिलाषितं वरं देहि वरं ह्रीं ॐ गोरा पार्वती देव्यै नमः।।

6. सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सवार्थ साधिके। शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।

Disclaimer: इस लेख में बताए गए तरीके और सुझाव सामान्य जानकारी और मान्यताओं पर आधारित है, Punjabkesari.com इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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Hartalika Teej 2025 Kab Hai: हरतालिका तीज हिंदू धर्म में महिलाओं के लिए एक अत्यंत पवित्र और विशेष पर्व है। यह पर्व विशेष रूप से विवाहित और कुंवारी महिलाओं द्वारा मनाया जाता है। इस दिन वे भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करके सुखद वैवाहिक जीवन और अच्छे जीवनसाथी की कामना करती हैं। साल 2025 में हरतालिका तीज का पर्व 26 अगस्त, मंगलवार को मनाया जाएगा। यह पर्व भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है।

हरतालिका तीज का महत्व देवी पार्वती और भगवान शिव के दिव्य मिलन से जुड़ा है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव व माता पार्वती की रेत के द्वारा बनाई गई अस्थाई मूर्तियों को पूजती हैं व उपवास रखकर सुखद दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। ऐसा माना जाता है कि इसी दिन देवी पार्वती ने शिवजी को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था।आगे पढ़ें…

Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।