17 फरवरी को आसमान में दिखेगा ‘रिंग ऑफ फायर! जानें साल के पहले सूर्य ग्रहण का सूतक का समय और दृश्यता

Surya Grahan 2026 Sutak Kaal

Surya Grahan 2026 Sutak Kaal: वर्ष 2026 का पहला सूर्य ग्रहण की दस्तक देने वाला है। 17 फरवरी को कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र के प्रभाव में यह सूर्य ग्रहण लगेगा। यह एक ‘कंकण सूर्य ग्रहण‘ होगा, जिसमें सूर्य का आकार किसी चमकते कंगन जैसा प्रतीत होगा। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान चंद्रमा सूर्य के करीब 96% हिस्से को कवर कर लेगा। Surya Grahan 2026 Kab Lagega, भारत में इसकी दृश्यता और सूतक के नियमों को लेकर सभी जानकारियां इस लेख में दी गई हैं।

Surya Grahan 2026 Date: ग्रहण का समय और अवधि

Surya Grahan 2026 Sutak Kaal
Surya Grahan 2026 Sutak Kaal (Image: AI Generated)

भारतीय समय के मुताबिक, यह सूर्य ग्रहण 17 फरवरी, मंगलवार को दोपहर 3:26 बजे शुरू होकर शाम 7:57 बजे समाप्त होगा। कुल 4 घंटे 31 मिनट की इस अवधि में ग्रहण अपने पीक पर शाम 5:13 से 6:11 बजे के बीच रहेगा।

भारत में दृश्यता की स्थिति

यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसका नजारा मुख्य रूप से अंटार्कटिका, दक्षिण अमेरिका और दक्षिणी अफ्रीका के देशों जैसे चिली, अर्जेंटीना, नामीबिया, जाम्बिया, जिम्बाब्वे और मॉरीशस में ही देखा जा सकेगा।

Surya Grahan 2026 Sutak Kaal: सूतक काल के नियम

धार्मिक परंपराओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले लग जाता है। हालांकि, चूंकि 17 फरवरी का यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं है, इसलिए यहां सूतक काल के नियम लागू नहीं होंगे और न ही इसका कोई धार्मिक प्रभाव माना जाएगा।

Surya Grahan 2026: कैसा होगा ‘रिंग ऑफ फायर’ का नजारा?

Surya Grahan 2026 Sutak Kaal
Surya Grahan 2026 Sutak Kaal

17 फरवरी को होने वाला वलयाकार ग्रहण तब घटित होता है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच इस तरह आता है कि वह सूर्य के मध्य भाग को पूरी तरह ढक लेता है, लेकिन उसके किनारे खुले रह जाते हैं। इससे आसमान में रोशनी का एक चमकदार घेरा बनता है, जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है।

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ग्रहण के दौरान बरतें ये सावधानियां

भले ही यह ग्रहण भारत में न दिखे, लेकिन पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में कुछ सावधानियां बरती जाती हैं-

  • इस दौरान मूर्तियों को स्पर्श करना और पूजा करना वर्जित होता है।
  • मांगलिक कार्यों की शुरुआत के लिए यह समय उपयुक्त नहीं माना जाता।
  • ग्रहण के समय भोजन बनाने और ग्रहण करने से बचने की सलाह दी जाती है।
  • गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को घर के अंदर रहने का सुझाव दिया जाता है।

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