साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज! जानें क्यों लगता है Surya Grahan, और इसका सही समय

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Surya Grahan 2026 Time: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज लग रहा है। सूर्य ग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, जिसे विज्ञान और ज्योतिष दोनों अलग-अलग नजरिए से समझते हैं। ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, ऊर्जा और नेतृत्व का प्रतीक माना जाता है। इसलिए जब सूर्य पर ग्रहण लगता है, तो इसे विशेष घटना माना जाता है। इस बार का ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगने जा रहा है। आइए जानते हैं, Surya Grahan 2026 Time के बारे में। Surya Grahan 2026 Time: सूर्य ग्रहण कितने बजे लगेगा? भारतीय समय के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण दोपहर 3…

Surya Grahan 2026 Time: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज लग रहा है। सूर्य ग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, जिसे विज्ञान और ज्योतिष दोनों अलग-अलग नजरिए से समझते हैं। ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, ऊर्जा और नेतृत्व का प्रतीक माना जाता है। इसलिए जब सूर्य पर ग्रहण लगता है, तो इसे विशेष घटना माना जाता है। इस बार का ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगने जा रहा है। आइए जानते हैं, Surya Grahan 2026 Time के बारे में।

Surya Grahan 2026 Time: सूर्य ग्रहण कितने बजे लगेगा?

Surya Grahan 2026 Time
Surya Grahan 2026 Time (Source: Social Media)

भारतीय समय के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगा। इसका मध्य समय शाम 5 बजकर 40 मिनट पर रहेगा और ग्रहण शाम 7 बजकर 57 मिनट पर समाप्त होगा। कुल मिलाकर इसकी अवधि 4 घंटे 32 मिनट की होगी।

Surya Grahan Falgun Amavasya: सूर्य ग्रहण कब और कैसे लगता है?

Surya Grahan Falgun Amavasya
Surya Grahan Falgun Amavasya (Source: Social Media)

जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक पूरी तरह या फिर आंशिक रूप से नहीं पहुंच पाता तब सूर्य ग्रहण लगता है। यह खगोलीय घटना सिर्फ अमावस्या को ही संभव होती है, लेकिन यहां ये भी स्पष्ट कर दें कि हर अमावस्या को सूर्य ग्रहण नहीं लगता है।

Surya Grahan Kyu Lagta Hain: सूर्य ग्रहण क्यों लगता है?

Surya Grahan Kyu Lagta Hain
Surya Grahan Kyu Lagta Hain (Source: Social Media)

सूर्य ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है, जो तब लगता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के ठीक बीच में आ जाता है। इससे पृथ्वी पर कुछ इलाकों में सूर्य की रोशनी पूरी तरह या आंशिक रूप से रुक जाती है, यानी सूर्य ढक जाता है। लेकिन 17 फरवरी को लगने वाला सूर्य ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसे साइंस की भाषा में रिंग ऑफ फायर कहा जाता है। इस सूर्य ग्रहण पर चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढक नहीं पाता है। इस ग्रहण में सूर्य का बाहरी किनारा अग्नि के चमकते छल्ले जैसा नजर आएगा।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।