Surya Grahan 2026 Timing in India: देश और दुनिया में आज यानी 12 अगस्त को साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। खास बात यह है कि भारत में इस ग्रहण को देखा नहीं जा सकेगा। इसके बावजूद ग्रहण को लेकर लोगों के बीच काफी उत्सुकता देखने को मिल रही है। इसकी वजह सिर्फ खगोलीय घटना नहीं, बल्कि इससे जुड़ी धार्मिक मान्यताएं और ज्योतिषीय दावे भी हैं। आइए जानते हैं इस ग्रहण से जुड़ी जरूरी बातें आसान भाषा में।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा। इसलिए देश में रहने वाले लोगों को इसे देखने के लिए किसी खास इंतजाम की जरूरत नहीं है। वहीं दुनिया के कुछ हिस्सों में लोग इस खगोलीय घटना को देख सकेंगे। दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, जाम्बिया, तंजानिया, मॉरीशस, अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका के कुछ इलाकों में ग्रहण दिखाई देने की जानकारी दी गई है। अर्जेंटीना और चिली के कुछ हिस्से भी इसकी दृश्यता वाले क्षेत्र में शामिल हैं।
क्या है ग्रहण का समय ?
- भारतीय समय के अनुसर, यह ग्रहण रात 9 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा।
- वहीं रात 11 बजकर 16 मिनट पर यह अपने मध्य चरण में पहुंचेगा और 13 अगस्त की रात 1 बजकर 27 मिनट पर समाप्त होगा।
- इसकी कुल अवधि करीब 4 घंटे 24 मिनट बताई गई है।
- ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य के बड़े हिस्से को ढक लेगा।
- करीब 10 बजकर 29 मिनट के आसपास सूर्य का लगभग 90 फीसदी हिस्सा ढका हुआ बताया जा रहा है।
- यह सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। क्योंकि ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां सूतक काल लागू नहीं होगा।
- इसका मतलब है कि मंदिरों को बंद करने, पूजा-पाठ रोकने या खान-पान से जुड़े विशेष नियमों का पालन करने की जरूरत नहीं होगी।
- गर्भवती महिलाओं के लिए भी इस ग्रहण को लेकर किसी तरह की विशेष पाबंदी नहीं है।
विज्ञान और ज्योतिष की नजर से अलग-अलग तस्वीर
विज्ञान के अनुसार सूर्य ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है। जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, तब सूर्य की रोशनी कुछ समय के लिए पृथ्वी के कुछ हिस्सों तक नहीं पहुंच पाती। इसी वजह से ग्रहण दिखाई देता है। वहीं ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास, ऊर्जा, नेतृत्व और सत्ता से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए सूर्य ग्रहण को ज्योतिष में महत्वपूर्ण घटना माना जाता है।
कुछ ज्योतिषियों के अनुसार इस ग्रहण का असर राजनीति, प्रशासन और सत्ता से जुड़े क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। इसके अलावा जल से जुड़ी घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं को लेकर भी ज्योतिषीय अनुमान लगाए जा रहे हैं लेकिन, इन दावों को वैज्ञानिक भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए। भूकंप, प्राकृतिक आपदा या राजनीतिक घटनाओं का सूर्य ग्रहण से सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है।
किन राशियों के लिए कैसा रहेगा ग्रहण?
- ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कन्या, तुला और कुंभ राशि के लोगों के लिए यह ग्रहण अनुकूल रह सकता है।
- वहीं मेष, मिथुन, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मकर और मीन राशि के लोगों को कुछ मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
- लेकिन ज्योतिष में भी किसी व्यक्ति पर ग्रहण का प्रभाव उसकी जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर देखा जाता है।
- इसलिए सिर्फ राशि के आधार पर किसी व्यक्ति के भविष्य को तय करना सही नहीं होगा।
ग्रहण के समय क्या करें?
- अगर ग्रहण आपके क्षेत्र में दिखाई दे रहा है तो सबसे जरूरी है आंखों की सुरक्षा।
- इसे सीधे आंखों से नहीं देखना चाहिए। वेरीफाइड सोलर व्यूइंग ग्लास या सही फिल्टर का इस्तेमाल करना जरूरी है।
- धार्मिक मान्यता रखने वाले लोग इस दौरान ध्यान, मंत्र जाप या सूर्य की उपासना कर सकते हैं।
- वहीं खाने-पीने से दूर रहने का कोई वैज्ञानिक वजह नहीं है।
- बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अपनी जरूरत के अनुसार भोजन और पानी लेते रहना चाहिए।
यह भी पढ़ें: Hariyali Amavasya Ke Upay: घर में कभी नहीं होगी पैसों की कमी, सावन अमावस्या पर आजमाएं ये 6 अचूक टोटके



Download Android App
Download iOS App




