मार्च में उद्घाटन, अगस्त में नोएडा एयरपोर्ट का हाल बेहाल? सामने आया Video

Summary :

उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का जलभराव वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मंगलवार की तेज बारिश के बाद टर्मिनल को पार्किंग से जोड़ने वाले मार्ग पर पानी जमा हो गया। एयरपोर्ट टीम ने करीब आधे घंटे में पानी निकाल दिया, लेकिन वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई।

उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। मंगलवार को हुई तेज बारिश के दौरान टर्मिनल को पार्किंग से जोड़ने वाले रास्ते पर पानी जम गया। एयरपोर्ट टीमों ने सक्रियता दिखाते हुए आधे घंटे के अंदर पानी निकाल दिया। जिससे आवाजाही पूरी तरह से सामान्य हो गई। एयरपोर्ट से विमान और यात्रियों का आना-जाना सामान्य हो गया। हालांकि, जलभराव के वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। लोग कहते हैं कि एयरपोर्ट का उद्घाटन मार्च 2026 में हुआ था और उसके बाद, अगस्त 2026 में एयरपोर्ट में पानी भर गया। इसको लेकर लोगों ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

नोएडा एयरपोर्ट में पानी घुसने पर क्या कहा?

नोएडा एयरपोर्ट अथॉरिटीने इस घटना को लेकर बताया कि बारिश के कारण कुछ समय के लिए टर्मिनल और पार्किंग एरिया में पानी घुस गया लेकिन कुछ मिनट में ही पानी निकाल दिया गया। इसकी खबर लगते ही पानी निकालने के लिए एयरपोर्ट की टीमें अलर्ट हुई और जल निकासी का काम शुरू किया गया। टीमें की त्वरित कार्रवाई से आधे घंटे के अंदर पानी को बाहर निकाल दिया गया और आवाजाही सामान्य कर दिया गया।

वहीं आम आदमी पार्टी ने तंज कसा है। उन्होंने कहा है,’नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जो लगभग ₹11,200 करोड़ की लागत से बना है और जिसका उद्घाटन महज 6 महीने पहले प्रधानमंत्री मोदी ने किया था, आज पहली बारिश में ही मोदी सरकार के भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की पोल खोलता नजर आया।”

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कब बना था?

बता दें कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का उद्घाटन 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यहां से इसका कमर्शियल उड़ान का संचालन 15 जून 2026 से शुरू हुआ। इस परियोजना की नींव 25 नवंबर 2021 को रखी गई थी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के पहले चरण पर लगभग ₹11,282 करोड़ खर्च किए गए हैं। वहीं, पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत, जो चारों चरणों के पूरा होने तक आएगी, लगभग ₹29,560 करोड़ है।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।