Chattisgarh Families Adopted Sanatan : छत्तीसगढ़ के रायपुर में 251 परिवार के 1000 लोगों ने अपनाया सनातन, प्रबल प्रताप ने धोएं पैर, धीरेंद्र शास्त्री ने पहनाया भगवा

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छत्तीसगढ़ के रायपुर में 251 परिवार के 1000 लोगों ने अपनाया सनातन, प्रबल प्रताप ने धोएं पैर, धीरेंद्र शास्त्री ने पहनाया भगवा

Chattisgarh families adopted Sanatan

Chattisgarh families adopted Sanatan : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर शहर में बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र शास्त्री की हनुमत कथा के अंतिम दिन शनिवार (27 जनवरी 2024) को 1000 लोगों ने घर वापसी की। इस दौरान जशपुर राजपरिवार के प्रबल प्रताप सिंह जूदेव भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। जनजातीय समुदाय के बीच बेहद फेमस भाजपा नेता प्रबल प्रताप सिंह धर्मांतरण करने वाले लोगों के पाँव धोकर घर वापसी करा रहे थे।

Chattisgarh families adopted Sanatan
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रायपुर शहर के कोटा गुढ़ियारी नाम के स्थान पर धीरेन्द्र शास्त्री (Chattisgarh families adopted Sanatan) द्वारा एक विशेष हनुमंत कथा कही जा रही थी। धीरेन्द्र शास्त्री की यह कथा 23 जनवरी से 27 जनवरी 2024 तक चली। इस कथा के अंतिम दिन 251 परिवारों के 1000 धर्मांतरित लोग अपने घर वापस आए। इन लोगों में दो परिवार ऐसे थे जो मुस्लिम धर्म को मानते थे और बाकी सभी ऐसे थे जो ईसाई धर्म को मानते थे।

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कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मोहम्मद अकबर नाम के एक शख्स (Chattisgarh families adopted Sanatan) ने दोबारा हिंदू बनने का फैसला किया और हिन्दू धर्म को अपनाया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अकबर का नया नाम सत्यम रखा हैं। रायपुर के शेख समीम नाम के एक अन्य व्यक्ति ने भी हिंदू धर्म को अपना लिया हैं। इस कार्यक्रम के दौरान गरीब परिवारों के 21 जोड़ों की शादी हुई और उन्हें अपने घर के लिए जरुरत का सभी सामान भी दिया हैं।

प्रबल प्रताप सिंह जूदेव नाम के भाजपा नेता ने इन लोगों के पैर धोए और उनकी खुशहाल (Chattisgarh families adopted Sanatan) घर वापसी करवाई। इस दौरान हवन-पूजन का भी आयोजन किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, घर वापसी करने वाले सभी लोग सगुजां संभाग के रहने वाले हैं। जूदेव ने कहा कि वह सभी लोगों को सनातन में वापस लाएंगे। घर वापसी को उन्होंने राष्ट्र निर्माण का कार्य बताया है।

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प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा, इनका धर्मांतरण बहुत ही गलत तरीके से कराया (Chattisgarh families adopted Sanatan) गया था। इनसे झूठ बोलकर और हिंदू देवताओं के बारे में अपमानजनक बातें बोलकर इनका धर्मांतरण कराया गया था।” उन्होंने कहा कि घर वापसी का कार्यक्रम वे लंबे समय से कराते आ रहे हैं। उनके दिवंगत पिता दिलीप सिंह जूदेव भी कराते रहे थे। जूदेव ने कहा, “मेरा मानना है जहाँ हिंदुओं का धर्मांतरण हुआ है या अल्पमत में आए हैं, वह क्षेत्र भारत से कटता (Chattisgarh families adopted Sanatan) गया। एक समय था जब अफगानिस्तान से लेकर इंडोनेशिया तक सारे हिंदू ही थे। हिंदुओं का धर्मांतरण हुआ और वे क्षेत्र भारत से अलग हो गए। जहाँ हिंदू घटा है, वहाँ देश बँटा है।” उन्होंने मंच से छत्तीसगढ़ में 101 मंदिर बनवाने की भी शपथ ली।

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कथा सुना रहे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यह स्पष्ट करना चाहते थे कि वे किसी भी धर्म को नापसंद (Chattisgarh families adopted Sanatan) नहीं करते और न ही चाहते हैं कि लोग अपनी आस्थाएं बदलें। इसके बजाय, वह चाहते हैं कि जिन लोगों को अपना धर्म बदलने के लिए मना लिया गया था, वे अपने मूल धर्म में वापस आ जाएँ। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने घर वापसी की है, वे हनुमान जी की मर्जी से आए हैं। उनका भी मानना ​​था कि प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने वाकई बहुत अच्छा काम किया है।

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