हर शादीशुदा महिला की जिंदगी में मंगलसूत्र सबसे ज्यादा एहमियत रखता है। मंगलसूत्र महज एक काले मोतियों की माला नहीं है बल्कि यह तो हर वैवाहिक स्त्री के उसके जीवन का आधार है जिसे महिलाएं अपने गले में पहनती हैं । धार्मिक मान्यतओं में बताया गया है कि महिला के मंगलसूत्र पहनने से पति की रक्षा के साथ-साथ उनकी आयु भी दीर्घ हो जाती है।

वहीं महिलाओं के लिए भी यह मंगलसूत्र एक रक्षा कवच की तरह होता है। इतना ही नहीं मंगलसूत्र के अंदर तो कई सारी चीजें जुड़ी होती हैं जिसका संबंध शुभता से होता है।

बता दें कि मंगलसूत्र का पीला धागा एंव सोना बृहस्पति का प्रतीक होता है। इसको पहनने से महिलाओं का बृहस्पति मजबूत होता है।

महिलाओं और उनका सौभागय काले मोती धारण करने की वजह से बुरी नजर से बचे रहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक काले चीज पर किसी की बुरी नजर चाह कर भी नहीं पड़ सकती है। मंगलसूत्र में भी जो काले मोती होते हैं वो महिलाओं और उनके पति दोनों की रक्षा करते हैं।

ऐसा कहा जाता है कि मंगलसूत्र में जो पीला हिस्सा होता हैं उसे माता पार्वती का कहा जाता है। जबकि काला हिस्सा भगवान शिव का होता है। भगवान शिव जी की कृपा से महिला और उसके पति की रक्षा होती है और मां पार्वती की कृपा से वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहता है।

मंगलसूत्र पहनने के नियम और सावधानियां
1.मंगलसूत्र वैसे तो हमेशा खुद से खरीदा हुआ पहनना चाहिए या फिर पति से लेना चाहिए। हमेशा ध्यान रखें कभी किसी अन्य व्यक्ति से मंगलसूत्र नहीं लेना चाहिए। क्योंकि ऐसा करना अशुभ माना जाता है।

2.मंगलसूत्र पहनने से पहले इसे मां पार्वती को जरूर अर्पित करना चाहिए।

3.जब तक अपने मंगलसूत्र को उतारने से बचें जब तक कि आपको कोई बहुत जरूरी न हो।


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