Nirjala Ekadashi 2020: निर्जला एकादशी का व्रत आज है, जानिए इस दिन क्या करना चाहिए और भूल से क्या नहीं करना चाहिए

Summary :

निर्जला एकादशी 2 जून मंगलवार यानी आज है। हिन्दू शास्त्र में कहा गया है कि भगवान विष्णु की पूजा इस दिन होती है। एकादशी तिथि दो बार हर महीने आती है।

निर्जला एकादशी 2 जून मंगलवार यानी आज है। हिन्दू शास्त्र में कहा गया है कि भगवान विष्णु की पूजा इस दिन होती है। एकादशी तिथि दो बार हर महीने आती है। कृष्ण पक्ष में एक एकादशी आती है तो दूसरी शुक्ल पक्ष में आती है। एकादशी तिथि विष्णु भगवान को बहुत प्रिय है।
मान्यताओं के अनुसार व्यक्ति की सभी मुरादें भगवान विष्णु की इस दिन पूजा करने से हो जाती हैं। हालांकि विशेष ध्यान कुछ बातों का निर्जला एकादशी के दिन पर रखना होता है। चलिए इस दिन क्या करना चाहिए क्या नहीं आपको बताते हैं – 
क्या करें एकादशी के दिन 
भगवान विष्णु की करें पूजा 

भगवान विष्णु की पूजा एकादशी के दिन की जाती है। विष्णु भगवान की पूजा भक्तों को इस दिन करनी होती हैं। हिन्दू शास्त्रों में यह भी बताया है कि इस दिन विष्णु भगवान के साथ मां लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है। तुलसी का उपयोग भगवान विष्णु की पूजा में नहीं करना होता। 
इस दिन करें व्रत 

निर्जला एकादशी के दिन अगर आप व्रत सकें तो रखें। हिन्दू शास्त्रों के मुताबिक साल की सभी एकादशी के व्रत करने के समान इस दिन व्रत करने का फल प्राप्त होता है। एक बात का विशेष ध्यान रखना है कि जल का सेवन इस व्रत में नहीं करना होता। सुबह स्नान निर्जला एकादशी के दिन करने के बाद दिप प्रज्वलित घर के मंदिर में करें और साथ ही विष्णु भगवान का ध्यान करें। 
लगाएं भगवान विष्णु को भोग 

विष्णु भगवान को भोग इस दिन जरूर लगाएं। सात्विक भोजन का भोग विष्णु भगवान को लगाएं। कुछ मीठा भोग में शामिल कर लें अगर संभव हो सके। हिन्दू शास्त्रों के मुताबिक तुलसी भी विष्णु भगवान के भोग में शामिल कर लें। तुलसी के बिना भोजन विष्णु भगवान नहीं ग्रहण करते हैं। 
क्या न करें इस दिन 
न करें चावल का सेवन 

चावल का सेवन एकादशी के दिन नहीं करें। जिन लोगों ने व्रत इस दिन नहीं रखा होता है वह भी चावल का सेवन न करें। 
न करें मांस-मदिरा का सेवन 

विष्णु भगवान की पूजा एकादशी के दिन करते हैं। मांस-मदिरा का सेवन इस दिन नहीं करना होता। सात्विक भोजन निर्जला एकादशी के दिन करें। 
न बनाएं शारीरिक संबंध 

शारीरिक संबंध एकादशी के दिन नहीं बनाने चाहिए। व्यक्ति को ब्रह्मचर्य का पालन इस दिन करना चाहिए। भजन-कीर्तन एकादशी के दिन करें। 

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