सावन के महीने में वास्‍तु में ये बदलाव करके आप भी पा सकते हैं भगवान शिव की कृपा

Summary :

श्रावण मास को हिंदू धर्म में काफी ज्यादा पवित्र माना जाता है। इस खास महीने में चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा रहती है।

श्रावण मास को हिंदू धर्म में काफी ज्यादा पवित्र माना जाता है। इस खास महीने में चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा रहती है। भगवान भोलेनाथ की भक्ति का माहौल भक्तों में एक नई ऊर्जा का संचार करता है। सावन के महीने में अगर हम अपने घर में वास्तु के ये कुछ आसान से 6 उपाय आजमाएं तो घर के सदस्यों को भगवान शिव से जरूर विशेष फल की प्राप्ति हो सकती है। आप भी करें ये काम…

1.पूर्व दिशा के लिए उपाय

मान्यताओं के अनुसार पूर्व दिशा का खास महत्व होता है। घर के उत्तर-पूर्व कोने में कोई छोटा-सा जल स्त्रोत रखकर आप इस दिशा की ऊर्जा में वृद्घि कर सकते हैं। 

2.अति विशेष है अद्र्घनारीश्वर स्वरूप

वास्तु के मुताबिक पूर्व दिशा में भगवान की प्रतिमा लगाने से मंगलकारी परिणाम प्राप्त होते हैं। सावन के महीने में आप घर की इस दिशा में भगवान शिव के अद्र्घनारीश्वर स्वरूप की प्रतिमा स्थापित कर सकते हैं। यदि यह सफेद संगमरमर के पत्थर से तैयार हो तो ये काफी शुभ मानी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि इसके प्रभाव से पति-पत्नी के संबंधों में भी मधुरता आती है।

3.इस दिशा में लगाएं तुलसी का पौधा

सावन के महीने में तुलसी स्थापित करना बहुत शुभ माना जाता है। तुलसी को उत्तर दिशा में मिट्टी के गमले में लगाएं। तुलसी लगाने से न केवल वातावरण शुद्घ होता है बल्कि पूर्वजों का अशीर्वाद भी मिलता है। कुंवारी कन्याएं अपने हाथों से तुलसी लगाएं तो उन्हें जल्दी ही वर की प्राप्ति होती है। 

4.रुद्राक्ष पहने

सावन मास में रुद्राक्ष धारण करना लाभदायक होता है। यह न सिर्फ ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को दूर करता है बल्कि इससे मनुष्य के मन को भी शांति और सुकून मिलता है। अच्छी सेहत के लिए पंचमुखी रुद्राक्ष धारण करना अच्छा होता है। 

5.धतूरे का पौधा लगाएं

भगवान शिव को धतूरा सबसे ज्यादा प्रिय होता है। इसी वजह से धतूरे का इस्तेमाल पूजा के समय किया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से मनुष्य भयमुक्त हो जाता है और उसकी जिंदगी में सारी परेशानियां जल्दी ही खत्म हो जाती है। आप भी सावन मास में घर के पास में धतूरे का पौधा जरूर लगाएं।

6.पूजा-पाठ और व्रत

सावन के महीने में हर सोमवार के दिन व्रत रखने की काफी मान्यता है। ऐसा भी कहा जाता है कि इस पूरे महीने एक समय का खाना खाने से भी व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है। 
आध्यात्मिक रूप से उसके पापों का नाश हो जाता है। इसके साथ ही व्यक्ति की धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ती है। 

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