Who gets z+ security in India: जयशंकर की सुरक्षा में बढ़ोतरी की है, जिसके बाद अब उनको Y कैटेगरी की जगह Z कैटेगरी की सुरक्षा मिलेगी। गृह मंत्रालय के करीबी सूत्रों के मुताबिक, इंटेलिजेंस ब्यूरो की धमकी रिपोर्ट के बाद विदेश मंत्री जयशंकर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अब विदेश मंत्री की सुरक्षा में 36 सीआरपीएफ कमांडो तैनात किए जाएंगे। पर आपको मन में एक सवाल आ रहा होगा कि Z कैटेगरी क्या है और इसमें किस प्रकार की सुरक्षा होती है, तो इस खबर को पूरा पढ़े।
जयशंकर की सुरक्षा कवच

भारत में सरकार और लोकल पुलिस किसी व्यक्ति के ऊपर खतरे को भाफते हुए किसी के सुरक्षा को सुनिश्चित करती है। विदेश मंत्री एस.जयशंकर को जो सुरक्षा मिली है, उसमें 36 सीआरपीएफ कमांडो तैनात होंगे। देश में ये सुरक्षा घेरा राहुल गांधी, अमित शाह जैसे लोगों को मिलता है।
क्लास के अनुसार सुरक्षा
सरकार द्वारा सुरक्षा की पांच कैटेगरी बांटी गई है, जिसमें X, Y, Y+, Z और Z+ शामिल हैं। ये जानकारी तो किसी के पास नहीं है कि Z+ कैटेगरी की सुरक्षा के लिए लागत कितनी आती है। पर कहा जाता है कि 15 से 20 लाख रुपये के बीच होने का अनुमान है।
SPG

ये केवल भारत के प्रधानमंत्री को मिलता है। इनमें सुरक्षाकर्मी की संख्या फिक्स नहीं होती है। इसकी शुरुआत 1988 में हुई थी। क्योंकि साल 1984 में देश की प्रथम महिला इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी।
Z+ कैटेगरी
इसमें 55 से 58 सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर होते हैं। जिसमें दस से अधिक एनएसजी कमांडो भी शामिल होते हैं।
Z कैटेगरी
जेड कैटेगरी में 22 सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाते हैं। इसमें 4 से 6 एनएसजी कमांडो भी शामिल होते हैं। इनके साथ पुलिसकर्मी भी रहते है।

Y कैटेगरी
इस सुरक्षा कैटेगरी में 1 से 2 के बीच कमांडो की संख्या होती है और इनके साथ पुलिसकर्मी भी होते है।
Y+ कैटेगरी
इस प्रकार के सुरक्षा कैटेगरी में 2 से 4 के बीच कमांडो की संख्या होती है और इनके साथ पुलिसकर्मी भी होते है।
X कैटेगरी

सुरक्षा कैटेगरी के सबसे निचले स्तर पर X कैटेगरी में कोई कमांडो शामिल नहीं होता है। पर इसमें पुलिस की सुरक्षा काफी टाइट होती है।


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