संसद में बुजुर्ग देखभाल में निजी क्षेत्र की भूमिका पर बहस

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संसद में बुजुर्ग देखभाल में निजी क्षेत्र की भूमिका पर बहस

सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग आम समस्याओं के अनोखे और अभिनव समाधानों को बढ़ावा देने के लिए सीनियर-केयर एजिंग ग्रोथ इंजन (एसएजीई) योजना चला रहा है। 

 इस योजना के तहत, बुजुर्गों के कल्याण के लिए उत्पादों, प्रक्रियाओं और सेवाओं के लिए अभिनव स्टार्ट-अप की पहचान की जाती है और उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है।

 स्टार्ट-अप का चयन पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है और सामूहिक निवेश के रूप में राशि प्रदान की जाती है, बशर्ते कि सरकारी निवेश फर्म के कुल निवेश का 49 प्रतिशत  से अधिक न हो।

यह पहल विभाग के परामर्श से आईएफसीआई वेंचर कैपिटल फंड्स लिमिटेड (निवेश प्रबंधक) के माध्यम से कार्यान्वित की जाती है।

 पिछले 03 वर्षों के दौरान, विभाग द्वारा कुल 14 स्टार्ट-अप को वित्त सहायता दी गई है। इसके अलावा विभाग, वरिष्ठ नागरिक गृहों (वृद्धाश्रम), सतत देखभाल गृहों आदि के संचालन और रखरखाव के लिए गैर-सरकारी तथा स्वैच्छिक संगठनों को अनुदान सहायता भी प्रदान कर रहा है।

 इन जगहों पर निर्धन वरिष्ठ नागरिकों को आश्रय, पोषण, चिकित्सा और मनोरंजन जैसी सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जाती हैं।

अटल वयो अभ्युदय योजना (एवीवाईएवाई) के अंतर्गत राष्ट्रीय वयोश्री योजना (आरवीवाई) के घटक के लिए तीसरे पक्ष द्वारा मूल्यांकन अध्ययन किया गया है।

Rahul Kumar