चीन में श्वसन बीमारियों का प्रकोप, अस्पतालों में भीड़भाड़ के दावे

Summary :

चीन में सांस संबंधी बीमारियां इस साल काफ़ी ध्यान आकर्षित कर रही है विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि अक्टूबर से श्वसन संक्रमण बढ़ रहे हैं। चीन के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण और रोकथाम प्रशासन (NCDPA) ने अनजाने मूल के निमोनिया की पहचान और प्रबंधन के उद्देश्य से एक पायलट निगरानी प्रणाली शुरू की है। सोशल मीडिया पर अस्पतालों में भीड़भाड़ के दावों की भरमार है, लेकिन कोई भी आधिकारिक रिपोर्ट यह नहीं बताती है कि स्थिति गंभीर है। भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत काम करने वाला नेशनल सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल (NCDC) ने कहा कि हम हालात पर नजर…

चीन में सांस संबंधी बीमारियां इस साल काफ़ी ध्यान आकर्षित कर रही है

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि अक्टूबर से श्वसन संक्रमण बढ़ रहे हैं।

चीन के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण और रोकथाम प्रशासन (NCDPA) ने अनजाने मूल के निमोनिया की पहचान और प्रबंधन के उद्देश्य से एक पायलट निगरानी प्रणाली शुरू की है।

सोशल मीडिया पर अस्पतालों में भीड़भाड़ के दावों की भरमार है, लेकिन कोई भी आधिकारिक रिपोर्ट यह नहीं बताती है कि स्थिति गंभीर है।

भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत काम करने वाला नेशनल सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल (NCDC) ने कहा कि हम हालात पर नजर रखे हुए हैं

एनसीडीपीए द्वारा हाल ही में जारी एक बयान से पता चला है कि 16 से 22 दिसंबर के सप्ताह में श्वसन संक्रमण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

एनसीडीपीए के नए प्रोटोकॉल के अनुसार प्रयोगशालाओं को संक्रमण की रिपोर्ट करनी होती है, जबकि रोग नियंत्रण एजेंसियां ​​मामलों की पुष्टि और प्रबंधन करती हैं

निमोनिया का प्रकोप विशेष रूप से छोटे बच्चों और बुजुर्गों सहित कमजोर समूहों के लिए चिंताजनक है।

Vikas Julana