काबुल, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य पूर्व संकट और पाकिस्तान की बेरुखी के शिकार अफगानिस्तान के कई नागरिक अब वापस लौट रहे हैं। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन यानी अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) ने शुक्रवार को एक आंकड़े के जरिए निर्वासन का दंश झेल वापस लौटने को मजबूर अफगानियों की कहानी बयां की है। बताया कि 2026 में अब तक 13 लाख (1.3 मिलियन) से ज्यादा अफगान, पड़ोसी देशों ईरान और पाकिस्तान से अपने देश लौट आए हैं।
अफगानिस्तान में आईओएम की मिशन प्रमुख मिह्युंग पार्क ने कहा, “लोग ऐसे समुदायों में लौट रहे हैं जहां पहले से ही आवास और बुनियादी सुविधाओं पर भारी दबाव है। अब सर्दियों के दस्तक देने के साथ ही एक समस्या की ओर ध्यान देना जरूरी हो जाता है।” उन्होंने कहा, “हमें अभी फंड की जरूरत है ताकि परिवारों को रहने की जगह मिल सके और मौसम की मार से बचने के लिए गर्म कपड़े मिल सकें। ये सब जल्द होना जरूरी है क्योंकि बाद में बर्फबारी के कारण दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा।”
लोगों की वापसी की बढ़ती रफ्तार उन समुदायों पर दबाव और बढ़ा रही है, जो पहले से ही बहुत ज्यादा दर्द और मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
पार्क ने आगे कहा कि संस्था दानदाताओं से अपील कर रही है कि वे 8.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर की फंडिंग की कमी को पूरा करने में मदद करें। इस फंड से कमजोर समुदायों, अपने ही देश में विस्थापित लोगों और हाल ही में लौटे लोगों को आपातकालीन आश्रय, सर्दियों के लिए जरूरी किट और घर के लिए जरूरी सामान पहुंचाया जा सके, इससे पहले कि खराब मौसम के कारण वे पूरी तरह अलग-थलग पड़ जाएं।
बता दें, पड़ोसी मुल्कों से लौटने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आईओएम के अनुसार 2025 में ही लगभग 29 लाख अफगान नागरिक स्वदेश लौटे थे।
–आईएएनएस
केआर/
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