अफगानिस्तान में महिलाओ को लेकर सोच में बदलाव की उम्मीद जगी अफगानिस्तान कई दशकों से युद्ध स्थल जैसा देश रहा है। तालिबान सरकार आने केबाद यहां के हलात बाद से बदतर हो गए है और ऊपर से तालिबान सरकार की रूढ़िवादी सोच ने महिलाओ की स्थिति सोचनीय कर दी। तालिबान सरकार अपने आने के आगमन से लेकर अब तक विवादों से घिरी रही है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अफगानिस्तान में हस्तनिर्मित उत्पादों की दो दिवसीय प्रदर्शनी आयोजित की गई।
उद्यमियों को और अवसर प्रदान करने का आग्रह
प्रदर्शनी में 31 स्टॉल लगाए गए, प्रतिभागियों ने सत्तारूढ़ तालिबान शासन से महिला उद्यमियों को और अवसर प्रदान करने का आग्रह किया। एक प्रतिभागी अनीता ने कहा, “हम सरकार और अन्य संगठनों से भविष्य में ऐसी प्रदर्शनी आयोजित करने पर विचार करने का आह्वान करते हैं। एक अन्य प्रतिभागी मासूमा इब्राहिमी ने कहा, “हमें उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी प्रदर्शनियां बढ़ेंगी और देश के बाहर भी ऐसी प्रदर्शनियों के आयोजन का आधार तैयार होगा।
80 प्रतिभागी शामिल 10 पुरुष बाकी महिलाएं
प्रांतीय अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शनी का उद्देश्य महिलाओं द्वारा बनाए गए स्थानीय उत्पादों और हस्तनिर्मित सामग्रियों को बढ़ावा देना है। प्रदर्शनी के आयोजक होसियन अज़ीम्यार ने कहा, “इस प्रदर्शनी में 80 प्रतिभागी शामिल हैं जिनमें से 10 पुरुष हैं और बाकी सभी महिलाएं हैं।
ऐसी प्रदर्शनी होती रहनी चाहिए
बामियान में उद्योग और वाणिज्य विभाग के प्रमुख मोहम्मद नईम रिज़ायी ने कहा, ऐसी प्रदर्शनियां बामियान में आयोजित की जा रही हैं और निकट भविष्य में काबुल में आयोजित होने की उम्मीद है।कार्यक्रम में आए लोगो ने तालिबान से देश में आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त करने के लिए महिलाओं का समर्थन करने का आह्वान किया। एक आगंतुक होरिया मैंडिगर ने कहा, “यहां हर महिला सक्रिय है और अपने परिवार की आर्थिक सहायता के लिए भी जिम्मेदार है, इसलिए उसे समर्थन दिया जाना चाहिए।प्रदर्शनी का आयोजन आगा खान फाउंडेशन द्वारा बामियान और पड़ोसी प्रांत दाइकुंडी में किया गया था


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