भारत की चीन पर डिजिटल स्ट्राइक के बाद अमेरिका ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए चीन की कंपनियों हुआवे और जेडटीई को राष्ट्रीय खतरा बताया है और कहा है कि देश की कंपनियों को इन दोनों कंपनियों के उपकरण हटाने होंगे। कोरोना वायरस की महामारी को विश्व भर में फैलाने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन पर लगातार हमलावर हैं और इसी कड़ी में उन्होंने दोनों कंपनियों पर कार्रवाई की है।
यूएस फेडरल कम्युनिकेशन कमीशन(एफसीसी) ने मंगलवार को 5-0 से मतदान कर चीन की प्रौद्योगिकी कंपनी हुआवे और जेडटीई को राष्ट्रीय खतरा बताया है। यही नहीं ट्रंप सरकार ने अमेरिकी कंपनियों को उपकरण खरीदने के लिए मिलने वाले 8.3 अरब डॉलर के फंड को भी रोक दिया है।
एफसीसी ने एक बयान में स्पष्ट शब्दों में कहा है कि दूरसंचार कंपनियों को अपने बुनियादी सुविधा ढांचे से इन दोनों चीनी कंपनियों के उपकरणों को हटाना होगा। बयान में कहा गया है कि अमेरिका, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को अमेरिकी सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं करने देगा।
उल्लेखनीय है कि भारत ने रविवार रात टिकटॉक समेत 59 चीनी ऐप को प्रतिबंधित कर दिया । भारत ने यह कदम गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के चीनी सैनिकों के साथ 15-16 जून की रात को हुए संघर्ष के बाद उठाया जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गये थे।भारत के चीनी ऐप पर रोक के बाद चीन ने इसे बेहद चिंताजनक बताया है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों की दुहाई देने लगा है।


Download Android App
Download iOS App


