बीजिंग, 2 नवंबर (आईएएनएस)। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने हाल ही में पीली नदी के संरक्षण और प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
उन्होंने कहा कि पिछले 80 वर्षों में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) ने जनता को साथ लेकर पीली नदी के प्रबंधन में लगातार काम किया है। इसके परिणामस्वरूप, पीली नदी में हर तीन साल में दो बार बाढ़ आने और तटबंध टूटने जैसी पुरानी समस्या पर काफी हद तक काबू पाया गया है। अब नदी में साल-दर-साल शांति और स्थिरता बनी हुई है। शी चिनफिंग ने इसे समाजवादी व्यवस्था की संस्थागत ताकत का एक उदाहरण बताया।
शी चिनफिंग ने जोर देकर कहा कि नए दौर में पीली नदी के संरक्षण को सबसे अधिक प्राथमिकता देनी होगी और इसके प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना होगा। इसके लिए नए युग में चीनी विशेषताओं वाले समाजवाद के विचारों को मार्गदर्शक बनाते हुए जल संरक्षण, क्षेत्रीय संतुलन, व्यवस्थित प्रबंधन और समन्वित विकास के सिद्धांतों का पालन करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि पीली नदी बेसिन के पारिस्थितिक पर्यावरण की रक्षा और उच्च गुणवत्ता वाले विकास को लगातार बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
इसके साथ ही, राष्ट्रीय पारिस्थितिक सुरक्षा को मजबूत करने, नदी के लंबे समय तक स्थिर प्रवाह को सुनिश्चित करने और पीली नदी की संस्कृति को संरक्षित करने पर भी ध्यान देना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रयास ऐसे होने चाहिए, जिससे यह मातृ नदी और अधिक सुंदर बने और चीनी राष्ट्र के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिलता रहे।
गौरतलब है कि पीली नदी के संरक्षण और प्रबंधन को व्यापक रूप से आगे बढ़ाने के लिए 2 नवंबर को मध्य चीन के हनान प्रांत की राजधानी चंगचोउ में एक बैठक आयोजित की गई। इसी बैठक में राष्ट्रपति शी चिनफिंग के महत्वपूर्ण निर्देशों को साझा किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए चीनी उप प्रधानमंत्री ल्यू क्वोचोंग ने कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग के निर्देश राजनीतिक, वैचारिक और व्यावहारिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। ये निर्देश पीली नदी बेसिन में पारिस्थितिक संरक्षण और उच्च गुणवत्ता वाले विकास को आगे बढ़ाने के लिए स्पष्ट दिशा प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि इन निर्देशों का गहराई से अध्ययन करने, उनकी भावना को समझने और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने की जरूरत है।
इसके साथ ही, उन्होंने पीली नदी के संरक्षण और प्रबंधन में बेहतर तालमेल बनाने, जल संसाधनों के संरक्षण और उचित इस्तेमाल, जल नेटवर्क परियोजनाओं की समग्र योजना और समन्वय क्षमता बढ़ाने तथा नदी के पारिस्थितिक पर्यावरण की रक्षा पर जोर दिया।
उन्होंने पीली नदी की संस्कृति को संरक्षित करने और उसे आगे बढ़ाने की जरूरत भी बताई।
बैठक में पिछले 80 वर्षों के दौरान सीपीसी के नेतृत्व में पीली नदी के संरक्षण और प्रबंधन के लिए किए गए प्रयासों पर एक रिपोर्ट भी पेश की गई। इस दौरान पीली नदी से जुड़े छिंगहाई, कानसू, हनान और शानतोंग प्रांतों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग और जल संसाधन मंत्रालय के अधिकारियों ने भी नदी के संरक्षण और प्रबंधन से जुड़े अपने अनुभव और कार्यों की जानकारी दी।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
–आईएएनएस
एबीएम/
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