पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में भारी हथियारों से लैस बलूच उग्रवादी बुधवार को ग्वादर बंदरगाह प्राधिकरण परिसर में जबरन घुस गए और गोलीबारी की। मीडिया की खबरों से यह जानकारी मिली। मकरान आयुक्त सईद अहमद उमरानी के हवाले से बताया कि पुलिस और सुरक्षा बलों की एक बड़ी टुकड़ी घटनास्थल पर पहुंची, जहां भीषण गोलीबारी जारी है।
- चीनी नागरिक पाकिस्तान में काम कर रहे
- अफगानिस्तान की सीमा से लगे बलूचिस्तान में लंबे समय से हिंसा छिड़ी
- बलूचिस्तान में चीन के निवेश का विरोध
माजिद ब्रिगेड ने हमले की जिम्मेदारी ली
सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि सुरक्षा बलों ने ग्वादर बंदरगाह प्राधिकरण (जीपीए) परिसर पर हमले को नाकाम कर दिया और आठ हमलावरों को मार गिराया। खबर में कहा गया है कि बंदरगाह परिसर में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान हमलावर मारे गये । प्रतिबंधित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के माजिद ब्रिगेड ने हमले की जिम्मेदारी ली है।
अफगानिस्तान की सीमा से लगे बलूचिस्तान में लंबे समय से हिंसा छिड़ी
ईरान और अफगानिस्तान की सीमा से लगे बलूचिस्तान में लंबे समय से हिंसा छिड़ी है। पूर्व में बलूच विद्रोही समूहों ने 60 अरब अमेरिकी डॉलर की चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजनाओं को निशाना बनाते हुए कई हमले किए हैं। सीपीईसी के अंतर्गत कई परियोजनाओं में हजारों चीनी नागरिक पाकिस्तान में काम कर रहे हैं। अलगाववादी बीएलए बलूचिस्तान में चीन के निवेश का विरोध करता है और चीन और पाकिस्तान पर संसाधन संपन्न प्रांत के शोषण का आरोप लगाता है।


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