ब्रिटिश स्टील का ब्रिटेन ने राष्ट्रीयकरण किया: चीन का जवाब

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बीजिंग, 19 जुलाई (आईएएनएस)। 18 जुलाई को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ब्रिटिश स्टील के राष्ट्रीयकरण पर संवाददाता के सवाल का जवाब दिया। एक संवाददाता ने पूछा कि 16 जुलाई को, ब्रिटिश सरकार ने घोषणा की कि उसने स्टील इंडस्ट्री (नेशनलाइज़ेशन) एक्ट के तहत ब्रिटिश स्टील का राष्ट्रीयकरण कर दिया है, और पहले चीन के चिंगये ग्रुप के नियंत्रण वाली कंपनी को अपने कब्ज़े में ले लिया है और मुआवज़े के मामलों का स्वतंत्र रूप से आकलन करने के लिए सेकेंडरी कानून के ज़रिए एक मुआवज़ा व्यवस्था बनायी जाएगी। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि यह फैसला ब्रिटिश…

बीजिंग, 19 जुलाई (आईएएनएस)। 18 जुलाई को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ब्रिटिश स्टील के राष्ट्रीयकरण पर संवाददाता के सवाल का जवाब दिया। एक संवाददाता ने पूछा कि 16 जुलाई को, ब्रिटिश सरकार ने घोषणा की कि उसने स्टील इंडस्ट्री (नेशनलाइज़ेशन) एक्ट के तहत ब्रिटिश स्टील का राष्ट्रीयकरण कर दिया है, और पहले चीन के चिंगये ग्रुप के नियंत्रण वाली कंपनी को अपने कब्ज़े में ले लिया है और मुआवज़े के मामलों का स्वतंत्र रूप से आकलन करने के लिए सेकेंडरी कानून के ज़रिए एक मुआवज़ा व्यवस्था बनायी जाएगी।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि यह फैसला ब्रिटिश स्टील इंडस्ट्री के भविष्य को सुरक्षित रखता है और स्किल्ड नौकरियों को बचाता है। इस पर चीन की क्या टिप्पणी है?

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जवाब देते हुए कहा कि चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने इस मामले पर प्रतिक्रिया की थी। उन्होंने बल देकर कहा कि इस मामले ने चीनी जनता का बहुत ध्यान खींचा है। ब्रिटेन इस मामले को कैसे हैंडल करता है, इसका सीधा असर ब्रिटेन के निवेश माहौल के बारे में चीनी निवेशकों की सोच और ब्रिटिश सरकार की विश्वसनीयता के बारे में चीनी जनता की सोच पर पड़ेगा।

प्रवक्ता के अनुसार, चीन और ब्रिटेन ने एक निवेश सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, और निवेशकों के कानूनी अधिकारों और हितों की रक्षा कानून के अनुसार पूरी तरह से की जानी चाहिए। चीन ने ब्रिटेन से कहा है कि वह बाजार के सिद्धांतों और कॉन्ट्रैक्ट की भावना का पूरी तरह सम्मान करे, और मुआवज़े सहित दोनों को स्वीकार्य समाधान निकाले। चीन कंपनियों को उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी तरीकों का इस्तेमाल करने में समर्थन करता है और स्थिति पर करीबी से नज़र रख रहा है; अगर ज़रूरी हुआ तो वह अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कदम उठाएगा।

(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

–आईएएनएस

डीएससी

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