पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले के मद्देनजर भारत और पाकिस्तान के दरम्यान बढ़े तनाव के बीच चीन ने मंगलवार को दोनों देशों से सयंम बरतने का अनुरोध किया और कहा कि वे जितनी जल्दी मुमकिन हो उतनी जल्दी अपने मुद्दों को बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से हल करें।
इस महीने की 14 तारीख को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर फिदायीन हमला हुआ था जिसमें बल के 40 कर्मी शहीद हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद आतंकी समूह ने ली है।
इस हमले ने दोनों मुल्कों के बीच तनाव को इस कदर बढ़ा दिया है कि नयी दिल्ली और इस्लामाबाद ने अपने अपने राजदूतों को ‘सलाह मशविरे’ के लिए वापस बुला लिया है। भारत ने शुक्रवार को पाकिस्तान को दिए व्यापार में तरजीह राष्ट्र के दर्जे को वापस ले लिया था और वहां से आने वाले सामान पर सीमा शुल्क को 200 प्रतिशत तक बढ़ा दिया था।
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चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव पर किए गए सवाल पर कहा, ‘‘ पाकिस्तान और भारत दोनों ही दक्षिण एशिया के अहम राष्ट्र हैं। क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए दोनों के बीच स्थिर द्विपक्षीय रिश्ते होना अनिवार्य है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ दक्षिण एशिया में कुल मिलाकार स्थिरता है जिसे सभी पक्षों को बनाए रखना चाहिए। चीन उम्मीद करता है कि पाकिस्तान और भारत संयम बरतेंगे और बातचीत करेंगे तथा जल्द से जल्द संबंधित मुद्दों का हल निकालेंगे।’’
शुआंग से सवाल किया गया कि सऊदी अरब के शाह के उत्तराधिकारी शाहज़ादे मोहम्मद बिन सलमान की हाल में पाकिस्तान की यात्रा के दौरान दोनों मुल्कों ने समझौता किया है कि सऊदी अरब पाकिस्तान में 20 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगा। इस पर प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ चीन यह देख कर खुश है कि पाकिस्तान सऊदी अरब सहित अन्य देशों के साथ दोस्ताना आदान-प्रदान और सहयोग कर रहा है।’’


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