नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को विदेश मंत्रालय ने भारत सरकार के न्योते पर शर्त रख दी है। बांग्लादेश की शर्तों पर विदेश मामलों के विशेषज्ञ वाइल अव्वाद ने कहा कि भारत और बांग्लादेश को शेख हसीना के मुद्दे पर अपने संबंधों को बंधक नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे की जरूरत है और इतिहास का सम्मान करते हुए कई अहम मुद्दों पर बातचीत होनी चाहिए, न कि एक आसान मुद्दे पर टकराव।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत सरकार के न्योते पर कहा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान तभी यहां आएंगे, जब पूर्व पीएम शेख हसीना को उनके देश वापस भेजा जाएगा। इसे लेकर विदेश मामलों के विशेषज्ञ वाइल अव्वाद ने कहा, “मेरा मानना है कि उन्हें शेख हसीना के मुद्दे पर भारत और बांग्लादेश के संबंधों को बंधक नहीं बनाना चाहिए। शेख हसीना लंबे समय से भारत में हैं और देश निकाला में रह रही हैं, इसलिए इन मुद्दों पर आपसी संबंधों को बंधक नहीं बनाना चाहिए। बांग्लादेश को भारत की जरूरत है और भारत को भी एक स्थिर देश बनने के लिए बांग्लादेश की जरूरत है। इसलिए, मुझे लगता है कि दोनों देशों के बीच एक आसान मुद्दे पर लड़ने के बजाय कई मुद्दों पर बात होनी चाहिए।”
दोनों देशों के संबंध को लेकर उन्होंने कहा, “भारत-बांग्लादेश संबंधों में निश्चित ही बदलाव आया है, खासकर बांग्लादेश की तरफ से, क्योंकि उनका मानना है कि यह ‘बांग्लादेश फर्स्ट’ है और वे दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों के लिए टर्म्स एंड कंडीशन बदलने जा रहे हैं।”
विशेषज्ञ ने कहा कि हम सब जानते हैं कि पिछले 15 सालों से शेख हसीना के राज में भारत और बांग्लादेश के बीच बहुत अच्छे संबंध थे। अब, सरकार बदलने के दो साल बाद बांग्लादेश सरकार इस द्विपक्षीय संबंधों में कई बदलाव करना चाहती है।
वाइल अव्वाद ने आगे कहा, “बांग्लादेश की स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी को हमेशा भारत की जरूरत होगी। भारत व्यवसाय, एक्सपेंशन, अंतरराष्ट्रीय पहचान और यहां तक कि बांग्लादेश की संप्रभुता का गेटवे होगा। हमें याद रखना चाहिए कि भारत ने बांग्लादेश को आजादी दिलाने में भी मदद की थी।”
उन्होंने आगे कहा कि बांग्लादेश को दोनों देशों के बीच के इतिहास का सम्मान करना होगा। मुझे नहीं लगता कि बांग्लादेश सच में भारत के साथ अपने संबंधों को किसी नकारात्मक तरीके से बदलने वाला है।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एकेएम शाहिदुल करीम ने कहा कि दोनों देशों के अधिकारी तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर पिछले कुछ हफ्तों से संपर्क में थे। 5 अगस्त को नई दिल्ली में शेख हसीना की एक प्रेस वार्ता ने भी रहमान की यात्रा को प्रभावित किया है। करीम ने कहा, “हमारा मानना है कि इस उच्च स्तरीय दौरे के लिए एक अनुकूल माहौल बनाया जाना आवश्यक है।”
–आईएएनएस
केके/डीकेपी
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