वाशिंगटन, 23 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दो तरह की रणनीति पर काम कर रहा है। एक तरफ वह अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर जिम्मेदारी बांट रहा है और दूसरी तरफ जरूरत पड़ने पर सीधे सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दे रहा है। यह बात संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कही।
सीबीएस न्यूज के कार्यक्रम ‘फेस द नेशन’ में वॉल्ट्ज ने कहा कि अमेरिका दोनों रास्तों पर एक साथ आगे बढ़ सकता है। उन्होंने साफ किया कि यह जरूरी नहीं है कि अमेरिका सिर्फ बल प्रयोग करे या केवल सहयोगियों पर निर्भर रहे, दोनों विकल्प साथ-साथ चल सकते हैं।
उन्होंने बताया कि अब इटली, जर्मनी, फ्रांस समेत कई देश इस मिशन में मदद के लिए आगे आए हैं। इसके अलावा जापान ने भी नौसेना सहयोग देने का वादा किया है, क्योंकि खाड़ी से निकलने वाले तेल का बड़ा हिस्सा एशिया जाता है।
वॉल्ट्ज ने यह भी कहा कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर कार्रवाई तेज करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पहले ही साफ कर चुके हैं कि ईरान की सैन्य ताकत, मिसाइल, नौसेना और ड्रोन क्षमता को लगातार कमजोर किया जाएगा।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोले, नहीं तो उसके ऊर्जा ढांचे पर हमला किया जा सकता है। इस पर वॉल्ट्ज ने कहा कि राष्ट्रपति के लिए कोई भी विकल्प पूरी तरह से खारिज नहीं किया गया है।
वॉल्ट्ज के मुताबिक, ईरान की सैन्य और नागरिक व्यवस्था आपस में गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स देश के बड़े हिस्से के अहम ढांचे, अर्थव्यवस्था और कई सरकारी संस्थानों को नियंत्रित करता है।
उन्होंने कहा कि अगर ईरान की सैन्य क्षमता और रक्षा उत्पादन को कमजोर किया जा रहा है, तो सभी विकल्प खुले रहने चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र की ओर से ऊर्जा ढांचे पर हमले को लेकर युद्ध अपराध की आशंका जताए जाने पर वॉल्ट्ज ने अमेरिकी रुख का बचाव किया। उन्होंने कहा कि ईरान अपने महत्वपूर्ण ढांचे का इस्तेमाल न सिर्फ अपने लोगों को दबाने के लिए करता है, बल्कि पड़ोसी देशों पर हमले करने और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के बावजूद परमाणु हथियार की दिशा में बढ़ने के लिए भी करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका हमले करते समय सिर्फ सैन्य ठिकानों को ही निशाना बनाएगा। उनके अनुसार, राष्ट्रपति, पेंटागन और उनकी टीम यह सुनिश्चित करेगी कि लक्ष्य सिर्फ ईरान के सैन्य ढांचे तक सीमित रहें। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान जानबूझकर सैन्य ठिकानों को नागरिक इलाकों के साथ मिलाकर रखता है।
ईरान की मिसाइल क्षमताओं के बारे में बात करते हुए, वॉल्ट्ज ने हाल के घटनाक्रमों का हवाला देते हुए पिछली खुफिया जानकारियों को चुनौती दी। उन्होंने बताया कि ब्रिटेन ने हाल ही में डिएगो गार्सिया की ओर दागी गई मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल की निंदा की है। उनका कहना था कि ऐसी मिसाइलें यूरोप की राजधानियों तक पहुंच सकती हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने अपने नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम के जरिए अपनी तकनीकी प्रगति को छिपाया है। उनके मुताबिक, अंतरिक्ष तकनीक और मिसाइल तकनीक को जोड़ना ज्यादा मुश्किल नहीं है।
वॉल्ट्ज ने अमेरिकी रणनीति को पहले से उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति समय रहते कार्रवाई कर रहे हैं ताकि ईरान को पूरी तरह परमाणु ताकत बनने से रोका जा सके। उन्होंने इसकी तुलना उत्तर कोरिया से की।
अमेरिका में इस मुद्दे पर लोगों की शंका को भी वॉल्ट्ज ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी के करीब 90 प्रतिशत लोग ट्रंप के इस प्रयास का समर्थन करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति की सबसे बड़ी प्राथमिकता अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा है।
आखिर में वॉल्ट्ज ने दोहराया कि किसी भी विकल्प को अभी खारिज नहीं किया गया है, जिसमें जरूरत पड़ने पर जमीनी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। उनके मुताबिक, अमेरिका अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए हर संभव रास्ता खुला रखेगा।
–आईएएनएस
एएस/
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