सिडनी, 24 मार्च (आईएएनएस)। रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना (आरएएन) के प्रमुख वाइस एडमिरल मार्क हैमंड आईएनएस नीलगिरि पर आयोजित एक स्वागत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
यह समारोह ‘एक्सरसाइज काकाडू 2026’ के लिए ऑस्ट्रेलिया में तैनाती के दौरान आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम की मेजबानी करने वाले भारतीय उच्चायोग ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
ईस्टर्न नेवल कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय भल्ला इस अवसर पर उपस्थित रहे। भल्ला एक्सरसाइज काकाडू में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
भारतीय उच्चायोग के अनुसार, इस कार्यक्रम में कूटनीतिक कोर, न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) संसद के सदस्य, विभिन्न देशों की नौसेनाओं के प्रमुख और अधिकारी शामिल हुए।
समुद्री सहयोग, परस्पर संचालन क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी) और समझ को मजबूत करने के उद्देश्य से, आईएनएस नीलगिरि एक्सरसाइज काकाडू 2026 के सी फेज के तहत पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में अपनी विदेशी तैनाती पर है।
‘एक्सरसाइज काकाडू 2026’ के तहत ऑस्ट्रेलियाई फ्लीट के कमांडर क्रिस स्मिथ ने सोमवार को सिडनी स्थित नेशनल मैरीटाइम म्यूजियम में फ्लीट कमांडर सम्मेलन की मेजबानी की।
19 साझेदार देशों के प्रतिनिधि समुद्री सुरक्षा, खुले समुद्री मार्ग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में व्यापार, स्थिरता और शांति को मजबूत करने वाली साझेदारियों पर चर्चा करने के लिए एकत्र हुए।
ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल (एडीएफ) के अनुसार, एक्सरसाइज काकाडू आरएएन का प्रमुख बहुराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास है, जिसे हर दो साल में आयोजित किया जाता है, ताकि समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत किया जा सके, इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाई जा सके और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी विकसित की जा सके।
सप्ताहांत में 19 देशों के 31 जहाजों ने 2026 एक्सरसाइज काकाडू ‘फ्लीट रिव्यू’ के लिए सिडनी हार्बर में औपचारिक प्रवेश किया।
रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना (आरएएन) की ओर से आयोजित यह समीक्षा एक दशक से अधिक समय में सिडनी हार्बर में विदेशी युद्धपोतों का सबसे बड़ा जमावड़ा था और इसने ऑस्ट्रेलियाई नौसेना की 125 वर्षों की सेवा को चिह्नित किया।
इस अवसर पर रॉयल ऑस्ट्रेलियाई वायुसेना ने सिडनी हार्बर के ऊपर शानदार हवाई प्रदर्शन किया, जिसके बाद रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना ने औपचारिक तोपों की सलामी दी।
फ्लीट रिव्यू एक पुरानी नौसैनिक परंपरा है, जिसमें एक समीक्षा अधिकारी, समीक्षा जहाज पर सवार होकर एकत्रित बेड़े का निरीक्षण करता है। ऐतिहासिक रूप से, यह तब आयोजित होता था जब युद्ध के लिए बेड़े को तैयार किया जाता था। आधुनिक समय में यह एक महत्वपूर्ण स्मारक आयोजन बन गया है, जो साझेदार नौसेनाओं को एक साथ लाकर समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
–आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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