भारत-जमैका के बीच साझेदारी की समीक्षा, एस. जयशंकर ने विकास सहयोग को बताया मुख्य आधार

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किंग्स्टन, 5 मई (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत-जमैका संबंधों में विकास सहयोग (डेवलपमेंट कोऑपरेशन) एक प्रमुख आधार बना हुआ है और दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए नए अवसरों की तलाश कर रहे हैं। सोमवार (स्थानीय समय) को जमैका की समकक्ष कामिना जे. स्मिथ के साथ अपनी मीटिंग के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “आज हमारी बातचीत पूरी और बहुत अहम थी और हमने भारत-जमैका संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा की। हमने अपनी साझेदारी को और मजबूत करने के लिए नए रास्तों की…

किंग्स्टन, 5 मई (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत-जमैका संबंधों में विकास सहयोग (डेवलपमेंट कोऑपरेशन) एक प्रमुख आधार बना हुआ है और दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए नए अवसरों की तलाश कर रहे हैं।

सोमवार (स्थानीय समय) को जमैका की समकक्ष कामिना जे. स्मिथ के साथ अपनी मीटिंग के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “आज हमारी बातचीत पूरी और बहुत अहम थी और हमने भारत-जमैका संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा की। हमने अपनी साझेदारी को और मजबूत करने के लिए नए रास्तों की पहचान की।”

उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने कई एग्रीमेंट साइन किए हैं और एमओयू के असरदार इम्प्लीमेंटेशन पर चर्चा की है। हाल ही में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, कल्चरल एक्सचेंज, स्पोर्ट्स और डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में इन समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे, ताकि जमीन पर ठोस नतीजे सुनिश्चित हो सकें।

एस जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि विकास सहयोग हमारी को पार्टनरशिप का एक बहुत जरूरी स्तंभ बना हुआ है। उन्होंने मार्च में किंग्स्टन टाउन में इम्प्रूविंग रूरल लाइवलीहुड्स प्रोजेक्ट के सफलतापूर्वक पूरा होने और हैंडओवर होने का स्वागत किया।

इस प्रोजेक्ट को भारत-यूएन विकास साझेदारी फंड के तहत दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (यूएनओएसएससी) के जरिए भारत ने 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर से समर्थन किया था।

उन्होंने कहा, “इस प्रोजेक्ट से 200 से ज्यादा लोगों को सीधे फायदा हुआ है और किंग्स्टन टाउन कम्युनिटी के हजारों लोगों पर इसका बड़ा सकारात्मक असर हुआ है।”

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि दोनों पक्षों ने भारत-सीएआरआईसीओएम डेवलपमेंट पार्टनरशिप के तहत नई दिल्ली के प्रतिबद्धता के हिस्से के तौर पर जमैका के लिए एक आर्टिसन एम्पावरमेंट हब बनाने की संभावना पर विचार किया।

आर्टिसन एम्पावरमेंट हब का मुख्य उद्देश्य स्थानीय शिल्पकारों को सशक्त बनाना, उनके कौशल को विकसित करना और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़ना है।

उन्होंने पिछले साल हरिकेन मेलिसा के बाद जमैका की रिकवरी और रिकंस्ट्रक्शन की कोशिशों में भारत की भूमिका पर भी खुशी जताई। भारत के स्वास्थ्य पहलों पर जोर देते हुए जयशंकर ने कहा, “10 भीष्म क्यूब्स की एक खेप को सिंबॉलिक तौर पर सौंपा गया। हम जमैका में स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 30 डायलिसिस यूनिट भी सप्लाई करने की प्रक्रिया में हैं। यह हरिकेन के बाद दी गई पहले की मानवीय मदद को जारी रखने जैसा है, जहां इंडियन एयर फोर्स के प्लेन से बीस टन से ज्यादा राहत सामग्री पहुंचाई गई थी।”

एस जयशंकर ने कहा, “हमने लोकल कैपेसिटी बनाने के लिए एक मेडिकल टीम तैनात की और ये कोशिशें आपदा प्रतिक्रिया के लिए एक भरोसेमंद विकास साझेदार के तौर पर हमारी प्रतिबद्धता को दिखाती है। हम आपसी फायदे के कई क्षेत्र, खासकर रक्षा और सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधा, डिजिटाइजेशन, कृषि, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर में अपने सहयोग को बढ़ाने पर बात कर रहे हैं।”

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि जमैका के प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस के साथ उनकी बातचीत में खास क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर बात हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने मल्टीलेटरल फोरम में करीबी सहयोग की बात दोहराई, खासकर रिफॉर्म्ड बहुपक्षीयवाद और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकता पर।

आखिर में, उन्होंने भरोसा जताया कि बातचीत के नतीजे एक मजबूत, ज्यादा डायनैमिक, फायदेमंद और भरोसे पर आधारित साझेदारी में मदद करेंगे।

–आईएएनएस

केके/वीसी

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