डीआरसी में इबोला की गंभीर स्‍थि‍‍त‍ि, केस बढ़कर 515 हुए , अब तक 91 की मौत

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किंशासा, 8 जून (आईएएनएस)। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला की स्‍थि‍‍त‍ि गंभीर होती जा रही है। अध‍िकार‍ियों संक्रमण तेजी बढ़ने की बात कही है। अब तक कन्फर्म मामलों की संख्या बढ़कर 515 हो गई है, जिनमें 91 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार अगर नियंत्रण के उपाय जल्दी नहीं किए गए, तो संक्रमण और बढ़ सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार (स्थानीय समय) को जारी अपडेट में बताया कि तीन और मरीज ठीक हो गए हैं, जिससे अब तक ठीक होने वालों की संख्या 6 जून तक 12 हो गई है। रिपोर्ट में कहा…

किंशासा, 8 जून (आईएएनएस)। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला की स्‍थि‍‍त‍ि गंभीर होती जा रही है। अध‍िकार‍ियों संक्रमण तेजी बढ़ने की बात कही है। अब तक कन्फर्म मामलों की संख्या बढ़कर 515 हो गई है, जिनमें 91 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार अगर नियंत्रण के उपाय जल्दी नहीं किए गए, तो संक्रमण और बढ़ सकता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार (स्थानीय समय) को जारी अपडेट में बताया कि तीन और मरीज ठीक हो गए हैं, जिससे अब तक ठीक होने वालों की संख्या 6 जून तक 12 हो गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 117 मामलों को संदिग्ध के रूप में दर्ज किया गया है, जबकि 283 मरीज अभी भी आइसोलेशन या अस्पताल में हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, काफी संख्या में संक्रमित मरीजों में 14 मई से 23 मई के बीच लक्षण दिखने शुरू हुए, जिससे संकेत मिलता है कि संभवतः किसी एक ही स्रोत से संक्रमण तेजी से फैला। इसमें 18 मई के आसपास मामलों का सबसे बड़ा बढ़त देखने को म‍िली। इसके बाद 25 मई से तीन जून के बीच एक और समूह में लक्षण दिखे, जो ‘बीमारी के फैलाव’ को दर्शाता है और संभव है कि यह आगे संक्रमण का एक बड़ा स्रोत बन रहा हो।

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है, “अगर तुरंत और सही कदम नहीं उठाए गए तो मामलों में और बढ़ोतरी हो सकती है।”

फिलहाल इस बीमारी पर नियंत्रण में कई दिक्कतें आ रही हैं, जैसे कि संक्रम‍ित संपर्कों का सही तरीके से ट्रैक न हो पाना, समुदाय के लोगों का पोस्ट-मॉर्टम जांच में सहयोग न करना, इबोला उपचार केंद्रों में पर्याप्त सुविधाओं की कमी, संक्रमण रोकने के जरूरी सामान की कमी और फंडिंग की कमी।

शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, तीन प्रभावित प्रांतों में संपर्कों की निगरानी सिर्फ 50.3 प्रत‍िशत ही हो पा रही है, जबकि लक्ष्य 95 प्रत‍िशत होना चाहिए था।

लैब में जांच की क्षमता पर भी दबाव है, और नॉर्थ किवु प्रांत में रिएजेंट की कमी के कारण 193 टेस्ट के नतीजे अभी भी लंबित हैं।

यह मौजूदा प्रकोप, जो इबोला वायरस के बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से हुआ है, 15 मई को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आधिकारिक रूप से घोषित किया गया था।

–आईएएनएस

एवाई/पीएम

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