भारत में आईएसआई की ड्रोन के जरिए नकली नोट भेजने की साजिश, भारतीय एजेंसियां ​​अलर्ट

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नई दिल्ली, 19 मई (आईएएनएस)। एजेंसियों की जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान की आईएसआई और उसके मददगार भारत में बड़े पैमाने पर नकली नोट फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। सबसे ज्यादा चिंता के इलाके त्रिपुरा-बांग्लादेश बॉर्डर और पंजाब हैं। बांग्लादेश बॉर्डर पर नकली नोट भारत में पहुंचाने के लिए कूर‍ियर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि पंजाब में ड्रोन के जरिए यह खतरा तेजी से बढ़ रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि नकली भारतीय नोटों को लेकर आईएसआई ने दो तरफा रणनीति अपनाई है। एक तरफ उसका मकसद भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना है, और दूसरी तरफ वह…

नई दिल्ली, 19 मई (आईएएनएस)। एजेंसियों की जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान की आईएसआई और उसके मददगार भारत में बड़े पैमाने पर नकली नोट फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। सबसे ज्यादा चिंता के इलाके त्रिपुरा-बांग्लादेश बॉर्डर और पंजाब हैं।

बांग्लादेश बॉर्डर पर नकली नोट भारत में पहुंचाने के लिए कूर‍ियर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि पंजाब में ड्रोन के जरिए यह खतरा तेजी से बढ़ रहा है।

एक अधिकारी ने बताया कि नकली भारतीय नोटों को लेकर आईएसआई ने दो तरफा रणनीति अपनाई है। एक तरफ उसका मकसद भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना है, और दूसरी तरफ वह पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों के लिए फंड जुटाना चाहती है।

अधिकारी ने कहा कि पंजाब की तुलना में भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर यह समस्या ज्यादा गंभीर है।

इस समस्या से निपटने में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) सबसे आगे काम कर रही है। एनआईए बॉर्डर पर इस खतरे को रोकने के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के अंदर भी कई मामलों की जांच कर रही है। राज्य में उसका मुख्य फोकस मालदा पर है, जहां नकली नोट छापने वाली कई यूनिट्स सामने आई हैं।

इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने कहा कि आगे चलकर आईएसआई नकली नोट भेजने के लिए ड्रोन का ज्यादा इस्तेमाल कर सकती है। अभी तक ड्रोन के जरिए नकली नोट गिराने की लगभग सभी कोशिश नाकाम की गई हैं।

हालांकि, अधिकारी ने यह भी कहा कि अभी लापरवाही बरतने का समय नहीं है, क्योंकि ये कोशिश सिर्फ ‘ड्राई रन’ यानी ट्रायल हो सकती हैं। ये लोग सुरक्षा व्यवस्था को समझने और उसकी कमजोरियां जानने की कोशिश कर रहे हैं।

अभी तक जो नकली नोट पकड़े गए हैं, उनकी मात्रा कम रही है। अधिकारी ने कहा कि जैसे ही ये लोग सुरक्षा तंत्र को चकमा देने में सफल हो जाएंगे, वे ड्रोन के जरिए बड़ी मात्रा में नकली नोट भेजने की कोशिश करेंगे।

एक दूसरे अधिकारी ने कहा कि सबसे पहले पश्चिम बंगाल में नकली नोट छापने वाली यूनिट्स को बंद करना जरूरी है। उनका कहना था कि अगर मालदा मॉड्यूल को खत्म कर दिया जाए, तो समस्या का बड़ा हिस्सा अपने आप कम हो जाएगा।

इसके बाद ध्यान उन सीमाओं पर लगाया जा सकेगा, जहां से नकली नोट भारत में तस्करी करके लाए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक आईएसआई को पता है कि सुरक्षा एजेंसियों की नजर सबसे ज्यादा उन कूरियर पर रहती है, जो नकली नोट लेकर आते हैं।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे एनआईए सख्ती बढ़ा रही है, आईएसआई पूरी तरह ड्रोन नेटवर्क की तरफ जा सकती है ताकि नकली नोट भारत भेजे जा सकें।

जांच एजेंसियों का कहना है कि आने वाले समय में यह चुनौती काफी बड़ी होने वाली है। नकली नोटों के इस रैकेट में ड्रोन का इस्तेमाल सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकती है।

सीमा सुरक्षा बल अब तक ड्रोन के जरिए गिराए गए ड्रग्स, हथियार और गोला-बारूद पकड़ने में सफल रहे हैं। लेकिन नकली नोटों का मामला ज्यादा मुश्किल हो सकता है।

–आईएएनएस

एवाई/एबीएम

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