किर्गिस्तान समेत ये पांच देश यूएनएससी के गैर-स्थायी सदस्य चुने गए, 1 जनवरी से संभालेंगे अपनी सीट

Summary :

संयुक्त राष्ट्र, 4 जून (आईएएनएस)। ऑस्ट्रिया, किर्गिस्तान, पुर्तगाल, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा जिम्बाब्वे को बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का गैर-स्थायी सदस्य चुना गया। इनका कार्यकाल दो साल का होगा। यह पहली बार है जब किर्गिस्तान सुरक्षा परिषद का सदस्य बनेगा। नए चुने गए सदस्य देश डेनमार्क, ग्रीस, पाकिस्तान, पनामा और सोमालिया की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल खत्म हो रहा है। ये देश 1 जनवरी 2027 से अपनी सीट संभालेंगे और 31 दिसंबर 2028 तक परिषद में रहेंगे। सुरक्षा परिषद की गैर-स्थायी सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार देश को संयुक्त राष्ट्र महासभा में मौजूद और मतदान…

संयुक्त राष्ट्र, 4 जून (आईएएनएस)। ऑस्ट्रिया, किर्गिस्तान, पुर्तगाल, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा जिम्बाब्वे को बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का गैर-स्थायी सदस्य चुना गया। इनका कार्यकाल दो साल का होगा।

यह पहली बार है जब किर्गिस्तान सुरक्षा परिषद का सदस्य बनेगा।

नए चुने गए सदस्य देश डेनमार्क, ग्रीस, पाकिस्तान, पनामा और सोमालिया की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल खत्म हो रहा है। ये देश 1 जनवरी 2027 से अपनी सीट संभालेंगे और 31 दिसंबर 2028 तक परिषद में रहेंगे।

सुरक्षा परिषद की गैर-स्थायी सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार देश को संयुक्त राष्ट्र महासभा में मौजूद और मतदान करने वाले सदस्य देशों के कम से कम दो-तिहाई वोट हासिल करने होते हैं। अगर सभी 193 सदस्य देश मौजूद हों और मतदान करें, तो जीत के लिए कम से कम 129 वोट जरूरी होते हैं। जो देश मतदान से दूर रहते हैं, उन्हें वोटिंग में शामिल नहीं माना जाता।

समाचार एजेंसी स‍िन्हुआ ने बताया इस साल पांच सीटों के लिए कुल सात उम्मीदवार मैदान में थे। ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा जिम्बाब्वे पहले ही दौर की वोटिंग में चुन लिए गए।

इसके बाद तीन और दौर की वोटिंग हुई, जिसके बाद किर्गिस्तान ने फिलीपींस को हराकर सीट हासिल कर ली।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं। इनमें ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रूस और अमेरिका पांच स्थायी सदस्य हैं। बाकी दस सदस्य गैर-स्थायी होते हैं, जिनकी सीटें अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों के आधार पर बांटी जाती हैं। हर साल इनमें से पांच सीटों पर नए सदस्य चुने जाते हैं।

नए चुने गए पांच देश अफ्रीकी समूह, एशिया-प्रशांत समूह, लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई समूह तथा पश्चिमी यूरोपीय और अन्य देशों के समूह का प्रतिनिधित्व करते हैं। पूर्वी यूरोपीय समूह की सीट इस बार चुनाव में शामिल नहीं थी, क्योंकि वह सीट, जिस पर फिलहाल लातविया 2027 तक सदस्य है, हर दूसरे साल चुनाव के लिए आती है।

सुरक्षा परिषद को संयुक्त राष्ट्र का सबसे शक्तिशाली निकाय माना जाता है। इसका मुख्य काम दुनिया में शांति और सुरक्षा बनाए रखना है। परिषद कानूनी रूप से बाध्यकारी फैसले ले सकती है, प्रतिबंध लगा सकती है और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग की अनुमति भी दे सकती है।

–आईएएनएस

एवाई/वीसी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.