बर्लिन, 1 मई (आईएएनएस)। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हाल ही में हुए जुबानी तनाव के बावजूद वह अमेरिका के साथ सहयोग नहीं छोड़ेंगे।
पेंटागन ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह जर्मनी से लगभग 5,000 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की योजना बना रहा है। अमेरिका की ओर से किए गए इस ऐलान से पहले जर्मन चांसलर मर्ज ने कहा था कि अमेरिका के पास ईरान में सैन्य कार्रवाई का कोई ठोस प्लान नहीं है और उसको ईरान की लीडरशिप की ओर से अपमानित भी किया जा रहा है।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि पब्लिक ब्रॉडकास्टर एआरडी के साथ एक इंटरव्यू के दौरान, मर्ज ने यह भी पुष्टि की है कि अमेरिका फिलहाल जर्मनी में टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें तैनात नहीं करेगा। हालांकि, उनका मानना है कि इस प्लान को हमेशा के लिए नहीं छोड़ा गया है।
टॉमहॉक वेपन सिस्टम का वादा असल में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 2024 में यूरोपीय रोकथाम को मजबूत करने के लिए किया था। सैनिकों की संख्या में कटौती की घोषणा के साथ ही, कई अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स ने हाल ही में कहा कि यूएस ने यूरोपीय सैनिकों को मजबूत करने का प्लान भी रद्द कर दिया है।
मर्ज ने कहा, “अमेरिकियों के पास अभी खुद काफी सैनिक नहीं हैं।” नाटो में यूनाइटेड स्टेट्स को जर्मनी का सबसे जरूरी पार्टनर बताते हुए जर्मन चांसलर ने कहा कि अमेरिका के सैनिकों को वापस बुलाने के फैसले का ट्रंप की उनकी पहले की आलोचना से कोई लेना-देना नहीं है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले कहा था कि अमेरिका उन 5,000 से बहुत ज्यादा सैनिकों को वापस बुलाने की योजना बना रहा है, जिनके बारे में पेंटागन ने इस हफ्ते की शुरुआत में कहा था कि वे जर्मनी छोड़ देंगे।
ट्रंप ने अमेरिका के दक्षिण-पूर्वी राज्य फ्लोरिडा में एयर फोर्स वन में चढ़ने से पहले मीडिया से कहा, “हम बहुत कम करने जा रहे हैं और हम 5,000 से भी ज्यादा कटौती कर रहे हैं।”
मर्ज की टिप्पणी को लेकर ट्रंप ने निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें (जर्मन चांसलर को) पता नहीं वह किस बारे में बात कर रहे हैं और उन्हें ईरान की न्यूक्लियर महत्वाकांक्षाओं से कोई फर्क नहीं पड़ता।
ट्रंप ने बुधवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका जर्मनी में सैनिकों की संख्या कम करने पर विचार कर रहा है और यह फैसला अगले कुछ समय में किया जाएगा। उन्होंने गुरुवार को कहा कि वह स्पेन और इटली में भी अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी कम कर सकते हैं।
ट्रंप ने कहा, “मुझे क्यों नहीं करना चाहिए? इटली ने कोई मदद नहीं की है। स्पेन का रवैया भी बहुत बुरा रहा है।” उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल हमलों में मदद न करने के लिए अपने यूरोपीय सहयोगियों की फिर से आलोचना की।
–आईएएनएस
केके/एएस
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