कोलंबो, 5 अगस्त (आईएएनएस)। भारत और श्रीलंका ने बुधवार को 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर के भारतीय रुपए में दिए जाने वाले ‘लाइन ऑफ क्रेडिट’ (एलओसी) से जुड़े समझौतों का आदान-प्रदान किया। यह राशि उस 450 मिलियन डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज का हिस्सा है, जो भारत ने चक्रवात ‘डिटवाह’ से हुई तबाही के बाद श्रीलंका को सहायता के तौर पर दिया था।
ये समझौते कोलंबो में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच हुई बैठक के बाद किए गए। बैठक में दोनों पक्षों ने कई अहम द्विपक्षीय परियोजनाओं की समीक्षा की, जिनमें भारत की मदद से श्रीलंका में चल रहे विकास कार्य भी शामिल थे।
इस बैठक में श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति कुमारा कुमार दिसानायके से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने आपसी हितों से जुड़े मुद्दों और प्रमुख द्विपक्षीय परियोजनाओं की समीक्षा की, जिनमें भारत की सहायता से चल रहे विकास कार्य भी शामिल हैं।”
उच्चायोग ने बताया, “बैठक के बाद दोनों देशों ने 350 मिलियन डॉलर के भारतीय रुपये में दिए जाने वाले लाइन ऑफ क्रेडिट समझौतों का आदान-प्रदान किया। यह राशि चक्रवात ‘डिटवाह’ के बाद भारत द्वारा दिए गए 450 मिलियन डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज का हिस्सा है। इन ऋण सुविधाओं का उपयोग पुनर्निर्माण, बुनियादी ढांचे के विकास और चक्रवात के बाद पैदा हुई खरीद संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।”
इससे पहले दिन में, विक्रम मिस्री ने अपनी श्रीलंकाई समकक्ष अरुनी रनराजा से भी मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की और भारत-श्रीलंका के करीबी संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर बात की।
भारतीय उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर कहा, “विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कोलंबो यात्रा के दौरान श्रीलंका की विदेश सचिव अरुनी रनराजा से मुलाकात की। दोनों ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर के आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा की और द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने के उपायों पर विचार किया। भारत के विदेश सचिव ने भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और ‘विजन महासागर’ में श्रीलंका की महत्वपूर्ण भूमिका को दोहराया।”
मिस्री ने श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ से भी मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की समीक्षा की गई।
भारतीय मिशन ने ‘एक्स’ पर लिखा, “विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कोलंबो यात्रा के दौरान श्रीलंका के विदेश मंत्री माननीय विजिता हेराथ से मुलाकात की। बैठक में प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की समीक्षा की गई।”
चक्रवात ‘डिटवाह’ के बाद भारत ने श्रीलंका के लिए 450 मिलियन डॉलर का पुनर्निर्माण पैकेज घोषित किया था। इस पैकेज के तहत सड़कों, रेलवे और पुलों की मरम्मत व बहाली, क्षतिग्रस्त और नष्ट हुए घरों का निर्माण, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों को सहायता, कृषि क्षेत्र को समर्थन ताकि अल्पकाल और मध्यम अवधि में संभावित कमी को दूर किया जा सके, तथा आपदा प्रतिक्रिया और तैयारी को बेहतर बनाने जैसे कार्य शामिल हैं।
–आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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