भोपाल, 5 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को छात्रों को चैटजीपीटी जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरणों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी का उपयोग सहायता के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन तथ्यों की पुष्टि हमेशा स्वतंत्र चिंतन के माध्यम से की जानी चाहिए।
भोपाल के कमला नेहरू संदीपानी सरकारी गर्ल्स स्कूल में ‘किताब से कल तक’ कार्यक्रम के दौरान छात्रों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने एआई, शिक्षा, करियर योजना, सोशल मीडिया और तनाव प्रबंधन से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दिए।
एक छात्र के इस प्रश्न के उत्तर में कि क्या वह चैटजीपीटी का उपयोग करते हैं, मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि वह कार्यक्रमों और भाषणों से संबंधित विषयों पर नवीनतम जानकारी प्राप्त करने के लिए एआई उपकरणों का उपयोग करते हैं।
उन्होंने आगे कहा, “मैं किसी विषय पर नए घटनाक्रमों को समझने के लिए एआई का उपयोग करता हूं। लेकिन चाहे वह चैटजीपीटी हो या कोई अन्य एआई उपकरण, यह अंतिम जानकारी नहीं है। एआई का उपयोग करें, लेकिन अपने विवेक का प्रयोग करें और तथ्यों और आंकड़ों की जांच करें।”
कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री यादव ने विद्यालय के निर्वाचित छात्र मंत्रिमंडल के सदस्यों से भी बातचीत की, जिनमें प्रधानाध्यापक, खेल, संस्कृति और अनुशासन जैसे विभागों के प्रभारी छात्र शामिल थे।
छात्रों ने मुख्यमंत्री को बताया कि मंत्रिमंडल का चुनाव लोकतांत्रिक चुनावों की तरह मतदान प्रक्रिया के माध्यम से होता है, जिसमें प्रचार, मतदान और शिक्षकों के साथ नियमित बैठकें शामिल होती हैं।
इस पहल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को मंच पर आमंत्रित किया और उनकी जिम्मेदारियों पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने छात्रों को कक्षा शिक्षा से परे भी सीखते रहने और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन भर जारी रहनी चाहिए। छात्रों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए, लगन से पढ़ाई करनी चाहिए और खेलकूद, स्व-अध्ययन और व्यक्तित्व विकास के लिए भी समय देना चाहिए।
एक अन्य प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि सोशल मीडिया जन प्रतिनिधियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है और उन्होंने बताया कि वे इंस्टाग्राम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फॉलो करते हैं।
उन्होंने छात्रों को दुर्घटना पीड़ितों की यथासंभव सहायता करने, अपने छोटे भाई-बहनों को शिक्षा प्राप्त करने और समाज में योगदान देने के लिए प्रेरित करने की सलाह भी दी।
बाद में, मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के साथ संवाद किया और उनसे छात्रों को कृषि, उद्यमिता, सशस्त्र बलों, लोक सेवा और राजनीति में अवसरों का पता लगाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
1958 में स्थापित कमला नेहरू संदीपानी सरकारी बालिका विद्यालय में नर्सरी से लेकर कक्षा 12 तक 1,800 से अधिक छात्राएं हैं।
विद्यालय ने अपने शैक्षणिक और नेतृत्व विकास पहलों के अंतर्गत स्मार्ट कक्षाएं, प्रयोगशालाएं और एक निर्वाचित छात्र मंत्रिमंडल की शुरुआत की है।
–आईएएनएस
एमएस/
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