ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक का 22-23 जून को होगा आयोजन, भारत की अध्यक्षता में होगी मीटिंग

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नई दिल्ली, 20 जून (आईएएनएस)। भारत 22-23 जून 2026 को ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक का आयोजन करने जा रहा है। विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार इस बैठक में सदस्य देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी एक साथ आएंगे ताकि बदलती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा की जा सके और जरूरी रणनीतिक मुद्दों पर सहयोग को मजबूत किया जा सके। विदेश मंत्रालय की प्रेस रिलीज के अनुसार, मीटिंग की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल करेंगे और इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के एनएसए और प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि…

नई दिल्ली, 20 जून (आईएएनएस)। भारत 22-23 जून 2026 को ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक का आयोजन करने जा रहा है। विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार इस बैठक में सदस्य देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी एक साथ आएंगे ताकि बदलती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा की जा सके और जरूरी रणनीतिक मुद्दों पर सहयोग को मजबूत किया जा सके।

विदेश मंत्रालय की प्रेस रिलीज के अनुसार, मीटिंग की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल करेंगे और इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के एनएसए और प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख हिस्सा लेंगे।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि दो दिन की मीटिंग के दौरान, प्रतिनिधिमंडल “आज दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां” थीम पर अपने विचार साझा करेंगे। चर्चा में तेजी से बदलते सुरक्षा माहौल और वैश्विक तथा राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर नई तकनीक के बढ़ते असर पर फोकस रहने की उम्मीद है।

मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “मीटिंग के दौरान, ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार/प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख ‘आज दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां’ थीम पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।”

इसके अलावा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हाल ही में काउंटर-टेररिज्म और सूचना और संचार तकनीक के इस्तेमाल में सुरक्षा को लेकर हुए ब्रिक्स जॉइंट वर्किंग ग्रुप्स के नतीजों की समीक्षा करेंगे। इस समीक्षा से उम्मीद है कि यह सीमापार खतरों से निपटने और सामूहिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने में ब्रिक्स देशों के बीच भविष्य के सहयोग को आकार देने में मदद करेगा।

यह मीटिंग इसलिए जरूरी है क्योंकि भारत ब्रिक्स में ग्लोबल गवर्नेंस, सुरक्षा सहयोग और तकनीकी चुनौतियों पर बातचीत को आगे बढ़ा रहा है। ग्रुप ने आर्थिक मुद्दों से आगे बढ़कर सदस्य देशों पर असर डालने वाली रणनीति और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को भी शामिल करने पर अपना ध्यान तेजी से बढ़ाया है।

इस बीच, चीन के विदेश मंत्री वांग यी भी मीटिंग में शामिल होने वाले हैं, जो अगस्त 2025 के बाद उनका पहला भारत दौरा होगा। वांग केंद्रीय विदेश मामलों के आयोग के निदेशक के तौर पर चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी हैं। वह एनएसए अजीत डोभाल के निमंत्रण पर 22-23 जून को भारत आएंगे।

भारत और चीन के बीच आपसी और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत जारी रखने की कोशिशों के बीच इस दौरे पर करीब से नजर रखी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीजिंग दौरे और ब्रिक्स बैठक की तारीखों की टाइमिंग के चलते चीनी विदेश मंत्री वांग इसमें हिस्सा नहीं ले पाए। इसी वजह से वे पिछले महीने भारत की मेजबानी में हुए ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में शामिल नहीं हुए थे।

–आईएएनएस

केके/एएस

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